डेस्क:अगले कुछ सालों में अडानी ग्रुप की कई कंपनियों की लिस्टिंग शेयर बाजारों में सभव है। इकनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट्स, मेटल, रोड और डाटा सेंटर को ऑपरेट करने वाली अडानी ग्रुप की कंपनियों की लिस्टिंग 2027 से 2031 के बीच हो सकती है। हालांकि, इस पर अडानी ग्रुप की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान अब तक सामने नहीं आया है।
2016 से 2020 के बीच कई कंपनियों की हुई थी लिस्टिंग
रिपोर्ट के अनुसार अडानी एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग अगले तीन साल में हो सकती है। इससे पहले 2016 से 2020 के दौरान अडानी ग्रुप की कंपनियों की लिस्टिंग स्टॉक मार्केट में हुई थी। इस दौरान अडानी टोटल गैस, अडानी ग्रीन गैस और अडानी विल्मर ने शेयर बाजार में डेब्यू किया था।
अडानी ग्रुप को उम्मीद है कि एयरपोर्ट बिजनेस का EBITDA वित्त वर्ष 2027-28 तक मौजूदा साइज का तीन गुना हो जाएगा। कॉपर और अन्य मैटरियल बिजनेस भी पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएंगे। और लिस्टिंग के लिए तैयार रहेंगे। कंपनी से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस दौरान गंगा एक्सप्रेस वे का भी काम हो जाएगा। बता दें, अडानी ग्रुप को उम्मीद है कि इस दौरान कई काम पूरे हो जाएंगे। जिससे लिस्टिंग के लिए एक अच्छा मंच तैयार हो जाएगा।
अडानी ग्रुप के सबसे ज्यादा एयरपोर्ट
मौजूदा समय में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के पास देश के 8 एयरपोर्ट्स हैं। जिसमें से मुंबई, लखनऊ, अहदाबाद, जयपुर, गुवाहाटी, तिरुअनंतपुरम और मैंगलोर ऑपरेशंस में है। अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट बिजनेस का सितंबर तिमाही में EBITDA 1062 करोड़ रुपये रहा है। जोकि पिछले साल के सितंबर तिमाही की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
