डेस्क : छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद को झटका देते हुए बुधवार को 25 माओवादी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसमें 12 महिलाएँ भी शामिल हैं। नक्सलियों के पास से लगभग 7 किलो सोना, करीब ₹2.92 करोड़ नकद और 93 हथियार बरामद किए गए।
बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता बताया। उनका कहना है कि यह आत्मसमर्पण बस्तर संभाग में नक्सलियों की सक्रियता को कम करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि शेष बचे नक्सली भी जल्द ही मुख्यधारा में लौट सकते हैं।
सरकार ने पिछले वर्षों में आत्मसमर्पण और पुनर्वास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया है। नक्सलियों को हथियार छोड़कर समाज में पुनः शामिल करने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। बीजापुर में यह कदम नक्सल उन्मूलन अभियान के अंतिम चरण की ओर इशारा करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आत्मसमर्पण में शामिल नक्सली सामाजिक और आर्थिक सुधार की योजनाओं से प्रेरित होकर हिंसा छोड़ रहे हैं। सुरक्षा बलों की सतत निगरानी और स्थानीय जनसमूह के सहयोग ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान लगातार सफल हो रहा है और मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।













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