सूरत:पटाखों के उत्पादन में कच्चे माल गन पाउडर, चारकोल, पोटैशियम, नाइट्रेट, सल्फर के दाम बढ़े हैं, ऐसे में दिवाली पर पटाखों के दाम 30 से 40% बढ़ गए हैं। इसके लिए ईंधन की कीमतों में वृद्धि भी जिम्मेदार है। इन सबके बावजूद जो कोरोना के चलते दो साल से त्योहारों का जश्न फीका पड़ा है, इस बार शहर में लग रहे पटाखों की दुकानों से लगता है कि इस बार दिवाली में खूब आतिशबाजी होगी।
शहर में पटाखों की बिक्री के लिए स्टालों की संख्या भी बढ़ गई है। साल 2020 में 145 व 2021 में 190 पटाखा दुकानों को दमकल विभाग ने मंजूरी दी थी। वहीं इस साल 318 पटाखा दुकानों के लिए आवेदन आए थे। इनमें से 265 दुकानों को मंजूरी मिली है, अन्य दुकानों को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
दमकल अधिकारी ने बताया कि फायर के नियमों का पालन न करने वालेे दुकानों को मंजूरी नहीं दी गई है। अभी इस तरह के 53 आवेदन लंबित हैं। वहीं पालनपुर जकातनाका स्थित विद्याकुंज स्कूल के पास पटाखों की बिक्री की अनुमति मांगी गई थी, जिसमें स्कूल संचालकों ने लिखा था कि उन्हें पटाखों की बिक्री से कोई आपत्ति नहीं है। इसके बावजूद दमकल विभाग ने आवेदन को खारिज कर दिया है।













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