• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश

37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश

February 6, 2026
तो क्या कसाब और हाफिज सईद जैसों को भी जमानत दे देंगे? सरकार का SC से तीखा सवाल

सहमति से बने संबंधों को चरित्र से न जोड़ें: सुप्रीम कोर्ट

June 9, 2026
‘यह संयोग नहीं, प्रयोग है’: यूथ कांग्रेस के विरोध पर भाजपा ने साधा राहुल गांधी पर निशाना

‘हार का शतक और रणनीति की बैठकें’, राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तंज

June 9, 2026
महुआ के बयान से गरमाई राजनीति, यूसुफ पठान को बताया साहसी

महुआ के बयान से गरमाई राजनीति, यूसुफ पठान को बताया साहसी

June 9, 2026
विदेशी मुद्रा भंडार 723.77 अरब डॉलर पर पहुँचा, गोल्ड रिजर्व में भी उछाल

चौथी तिमाही में भारत का चालू खाता अधिशेष 7.1 अरब डॉलर रहा

June 9, 2026
भारत को 6 साल में 10 करोड़ टन स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

स्टील सेक्टर की ग्रोथ से रिफ्रैक्टरी उद्योग को लाभ

June 9, 2026
आईपीओ

बीयर बाजार में बड़ा दांव: कार्ल्सबर्ग इंडिया ला सकती है आईपीओ

June 9, 2026
500+ रन बनाने वाली टीमों की लिस्ट में किस स्थान पर है भारत

500+ रन बनाने वाली टीमों की लिस्ट में किस स्थान पर है भारत

June 9, 2026
इंडिया अंडर-19 ने दक्षिण अफ्रीका को 233 रनों से हराकर की क्लीन स्वीप

भारत का ऐतिहासिक टेस्ट रिकॉर्ड, टॉप 10 सूची में बड़ा बदलाव

June 9, 2026
किशोर कुमार के आख़िरी दिन और उनकी अंतिम रिकॉर्डिंग का रहस्य

किशोर कुमार का भावुक पल: इस गाने ने कर दिया था उन्हें बेहद प्रभावित

June 9, 2026
नो एंट्री 2 से वरुण धवन ने भी किया किनारा

वरुण धवन का खुलासा: इस बड़ी हिट फिल्म को किया था रिजेक्ट

June 9, 2026
रिश्तों और कार्यस्थल में तनाव को संभालने की समझ

रिश्तों और कार्यस्थल में तनाव को संभालने की समझ

June 9, 2026
मंगलवार और सिंदूर तिलक का आध्यात्मिक अर्थ

मंगलवार और सिंदूर तिलक का आध्यात्मिक अर्थ

June 9, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Tuesday, June 9, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home आराधना-साधना

37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश

उमड़ा, श्रद्धा, आस्था व उमंग का समंदर, सौभाग्यशाली बने लाडनूंवासी 

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
February 6, 2026
in आराधना-साधना
Reading Time: 2 mins read
A A
0
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
37 वर्षों बाद योगक्षेम वर्ष के आयोजन संग महातपस्वी महाश्रमण का जैविभा में महामंगल प्रवेश
लाडनूं, : श्रद्धा, आस्था व उमंग की उमड़ती ज्वारें, प्रसन्न भावभंगिमा, अद्वितीय उत्साह, प्रतीक्षा 37 वर्षों बाद पुनः जैन विश्व भारती, लाडनूं में होने जा रहे योगक्षेम वर्ष के लिए विशाल धवल सेना के साथ जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी के महामंगल प्रवेश की।
शुक्रवार की सुबह लाडनूंवासियों के लिए मानों नवीन ऊर्जा, नवीन प्रकाश व आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण लेकर आया था। आज वह पल आने वाला था, जिसका सम्पूर्ण तेरापंथ समाज वर्षों से प्रतीक्षा कर रहा था। आज तेरापंथाधिशास्ता, महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी विशाल धवल सेना संग जैन विश्व भारती परिसर में योगक्षेम वर्ष में प्रविष्ट होने वाले थे। लाडनूं की गली-गली ऐसे महामानव के लिए मानों सजी-धजी हुई नजर आ रही थी। जैन विश्व भारती की साज-सज्जा तो मानों अलग-ही नजर आ रही थी।
युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने प्रातः लाडनूं में ही स्थित बरड़िया परिवार के भाग्यश्री भवन से गतिमान हुए। आज के अवसर पर देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आज लाडनूं पहुंचे हुए थे। इसलिए मानों लाडनूं में मेले जैसा दृश्य बना हुआ था। लाडनूं का तेरापंथ समाज ही नहीं, अपितु अन्य जैन एवं जैनेतर जनता भी मानवता के मसीहा आचार्यश्री महाश्रमणजी के अभिनंदन को उत्सुक नजर आ रहे थे। जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय हो या विमल विद्या विहार के विद्यार्थी ही नहीं, लाडनूं के कई विद्यालयों के विद्यार्थी, जैन विश्व भारती से जुड़े लोग तथा देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों-हजारों लोग सभी श्रद्धा के साथ करबद्ध नजर आ रहे थे।
आचार्यश्री महाश्रमणजी तेरापंथ धर्मसंघ के नवमाधिशास्ता आचार्यश्री तुलसी की जन्मस्थली पधारे। वहां श्रद्धा के साथ नमन-वंदन व स्मरण करने के उपरान्त आचार्यश्री लाडनूंवासियों पर मंगल आशीषवृष्टि करते हुए जैन विश्व भारती के विशाल प्रांगण की ओर पधारे तो मानों जन-जन के मन में श्रद्धा की हिलोरें अपने चरम की ओर पहुंच रही थी। साधु, साध्वी, समणी, व मुमुक्षुवृंद कतारबद्ध थे। इनके मध्य तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता योगक्षेम वर्ष के महामंगल प्रवेश के लिए गतिमान हुए तो पूरा लाडनूं नगर जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं की उमड़ते सैलाब के मध्यम अनुशासित ढंग से गुजरती महाश्रमण की धवल सेना अद्भुत दृश्य उत्पन्न कर रही थी। आचार्यश्री प्राचीन सेवाकेन्द्र में भी पधारे।
करीब 37 वर्षों बाद की लम्बी प्रतीक्षा के बाद जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, महातपस्वी, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी शुक्रवार को विशाल संघ के साथ जैन विश्व भारती परिसर में महामंगल प्रवेश किया तो पूरा आसमान जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। हजारों नेत्र इस ऐतिहासिक क्षण को निहार कर स्वयं को धन्य बना रहे थे। पूर्व निर्धारित शुभ मुहूर्त 10 बजकर दस मिनट पर युगप्रधान अनुशास्ता ने जैन विश्व भारती परिसर में बने ‘महाश्रमण विहार’ में योगक्षेम वर्ष के लिए महामंगल प्रवेश कर दिया। आचार्यश्री के प्रवेश के साथ-साथ नव्य-भव्य रूप में सजी जैन विश्व भारती के सचिवालय सहित अनेक भवनों आदि का लोकार्पण आचार्यश्री के मंगल आशीर्वाद से हुआ। इस दौरान आचार्यश्री साध्वियों के ठिकाने में भी पधारे, जहां बहिर्विहार से गुरु सन्निधि में पहुंची बड़ी संख्या में साध्वियों ने दर्शन प्राप्त किया।
योगक्षेम वर्ष के लिए नवीन कलेवर में निर्मित सुधर्मा सभागार में अपार जनसमूह उमड़ा हुआ था। इस मंगल अवसर पर आचार्यश्री की अभिवंदना में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा व राजस्थान पत्रिका के मुख्य संपादक श्री गुलाब कोठारी भी उपस्थित थे। युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी के मंगल महामंत्रोच्चार के साथ आज के मुख्य समारोह का शुभारम्भ हुआ। तेरापंथ महिला मण्डल-लाडनूं ने मंगल स्तुति की प्रस्तुति दी। जैन विश्व भारती, लाडनूं तथा सेवाकेन्द्र लाडनूं में प्रवासित साध्वीवृंद व समणीवृंद ने संयुक्त रूप में गीत का संगान किया।
तेरापंथ धर्मसंघ की नवमी साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभाजी ने इस अवसर पर जनता को उद्बोधित करते हुए तथा शासनमाता साध्वीप्रमुखा कनकप्रभाजी की स्मृति करते हुए कहा कि उनके निवेदन को आचार्यश्री ने बहुमान देते हुए इस धरती पर योगक्षेम वर्ष करना स्वीकार किया था। उन्होंने आचार्यश्री की अभिवंदना में अपनी अभिव्यक्ति दी।
आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने सुधर्मा सभा के पट्ट का अनावरण किया। योगक्षेम वर्ष प्रवास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष श्री प्रमोद बैद, स्वागताध्यक्ष श्री राकेश कठौतिया, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष श्री अमरचंद लुंकड़, जैन विश्व भारती मान्य विश्वविद्यालय के कुलपति श्री बच्छराज दुगड़ ने अपनी अभिव्यक्ति दी।
सुधर्मा सभा से योगक्षेम वर्ष के लिए प्रविष्ट हुए युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने उपस्थित जनमेदिनी को प्रथम पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि शास्त्र में धर्म को उत्कृष्ट मंगल कहा गया है। आदमी के मन में मंगल की चाह होती है कि वह जो भी कार्य करे, वह निर्विघ्नता के साथ सफल हो। मंगल की कामना स्वयं के लिए भी और दूसरों के लिए भी की जाती है। दूसरों के लिए मंगलकामना करना भी एक उच्चता का द्योतक होता है। मंगल के लिए आदमी प्रयास भी करता है। अनेक पदार्थ, शुभ मुहूर्त का अवलोकन आदि का भी विचार होता है, किन्तु आगम में कहा गया है कि धर्म सर्वोत्कृष्ट मंगल है। अहिंसा, संयम और तप रूपी धर्म ही परम मंगल है। इस धर्म की साधना करने वाले का मंगल हो जाएगा।
आचार्यश्री ने कहा कि आज योगक्षेम वर्ष के लिए हमारा यहां प्रवेश हुआ है। 6 फरवरी को प्रवेश हुआ है और संभवतः 24 फरवरी 2027 को यहां से प्रस्थान करने का प्रोग्राम है। साधिक एक वर्ष का यह समय है। योगक्षेम वर्ष की पुनरावृत्ति होने की संभावना है। हमारे परम पूजनीय गुरुदेव आचार्यश्री तुलसी व युवाचार्यश्री महाप्रज्ञजी के समय में 1989 में योगक्षेम वर्ष लाडनूं के इसी जैन विश्वभारती में हुआ था। आज लगभग 37 वर्ष के बाद पुनः योगक्षेम वर्ष के उद्देश्य के साथ प्रवेश हुआ है। लाडनूं जो गुरुदेव तुलसी की जन्मभूमि है। मैं उनके जन्मस्थान में जाकर आया हूं। योगक्षेम वर्ष की आयोजना में हमारी साध्वीप्रमुखा कनकप्रभाजी के निमित्त से हुआ है, वह सदेह तो विद्यमान नहीं हैं, किन्तु अदृश्य रूप में हो तो मैं कह नहीं सकता। परम पूज्य आचार्यश्री तुलसी ने जैन विश्व भारती की स्थापना की। यह संस्था मुझे बहुत महत्त्वपूर्ण संस्था लगी है। जहां साधना, सेवा, साहित्य आदि के अनेक रूप जुड़े हुए हैं।
आज हमारे राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्रीजी का आगमन हुआ है। आपने आगे भी आने की बात कही है। मेरा तो कहना है कि जब दुबारा आना हो तो दो-तीन घण्टे नहीं, दो-तीन दिन के लिए आएं, ताकि अनेक संदर्भों में चर्चा-परिचर्चा हो सकती है। राजस्थान पत्रिका के गुलाबजी कोठारी भी उपस्थित हैं। योगक्षेम वर्ष के लिए कितने-कितने साधु, साध्वियां व समणियां भी आ गई हैं।
आज मुख्यमुनिजी का दीक्षा दिवस भी है। आचार्यश्री ने साध्वीप्रमुखाजी व साध्वीवर्याजी का परिचय भी प्रदान करते हुए जैन विश्व भारती में संचालित विभिन्न गतिविधियों आदि के संदर्भ भी बताया। आचार्यश्री ने कहा कि बहुत अच्छी बात है कि मुख्यमंत्रीजी का आगमन हो गया है। इस लम्बे प्रवास का सभी अच्छा उपयोग करें। प्रवास हमारा मंगलमय हो, सभी अच्छा पुरुषार्थ करें।
आचार्यश्री की अभिवंदना में नगलपालिका मण्डल, लाडनूं के अध्यक्ष श्री रावत खान ने नगरपालिका की ओर से अभिनंदन पत्र आचार्यश्री को समर्पित किया। आचार्यश्री की सन्निधि में उपस्थित राजस्थान पत्रिका के संपादक श्री गुलाब कोठारी ने अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि आज का दिन बड़े उत्सव का दिन है। योगक्षेम वर्ष की शुरुआत है। मेरे लिए भी सौभाग्य की बात है कि हमारे पूज्य पिताजी के जन्मशती वर्ष भी है और उन्हीं के बहन के नाम से इस सुधर्मा सभा का लोकार्पण हुआ है। आचरण धर्म का सबसे बड़ा लक्षण है। धर्म संस्कृति की नीव है। मुझे पूज्य संत आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि प्राप्त हो रही है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने आचार्यश्री की अभिवंदना में कहा कि आचार्यश्री महाश्रमणजी के पावन पदार्पण के अवसर पर मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूं। मैं सौभाग्यशाली हूं कि आज पूज्य आचार्यश्रीजी का यहां पधारना राजस्थान के लिए अत्यंत गौरव व सम्मान का विषय है। आप यहां एक वर्ष रहने वाले है। मैं कह सकता हूं कि आपकी तपस्या का, आपकी वाणी का निश्चित ही सभी को लाभ मिलेगा।
आप एक धर्मगुरु नहीं, मानवीय मूल्यों के जीवंत प्रतीक हैं। आपकी साधना, आपका ज्ञान लाखों लोग के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आपने अपना सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण व धर्म प्रचार के लिए समर्पित किया है। आपकी शिक्षाओं में जो सरलता, व्यावहारिकता है, वह हर वर्ग को सीख देती है। आपका योगदान केवल जैन समाज के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए वरदान है। आपके सान्निध्य में जैन विश्व भारती ने धर्म शिक्षा व समाज सेवा में अद्भुत काय किया है। आप अपने जीवन से सच्चा धर्म दिखाते हैं। लगभग साढे तीन साल पहले मैं यहां दो दिन रहा था। यहां की ऊर्जा निराली है। यह स्थान देश को ही नहीं, पूरी दुनिया को ऊर्जा देने का कार्य कर रहा है। आप भारत की सनातन संस्कृति को बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। आज मुझे एक साथ इतने साधु-साध्वियों को भी दर्शन का लाभ मिला है, यह मेरे लिए गौरव की बात है। आचार्यश्री के मंगलपाठ के साथ आज के प्रवेश समारोह से संदर्भित कार्यक्रम सुसम्पन्न हुआ।
सोशल मीडिया पर तेरापंथ को फॉलो करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
Youtube
https://www.youtube.com/c/terapanth
Instagram
https://www.instagram.com/terapanth
What’s App Channel
https://whatsapp.com/channel/0029Va4yg62I
Previous Post

महिला की इच्छा सर्वोपरि: सुप्रीम कोर्ट ने 30 सप्ताह के गर्भ का गर्भपात मंजूर किया

Next Post

कांग्रेस में नेतृत्व विवाद पर विराम, हाई कमान ने संकेत दिए

Next Post
राहुल गांधी से मुलाकात ने बढ़ाई सस्पेंस, कर्नाटक में सीएम कुर्सी पर नजरें

कांग्रेस में नेतृत्व विवाद पर विराम, हाई कमान ने संकेत दिए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • सहमति से बने संबंधों को चरित्र से न जोड़ें: सुप्रीम कोर्ट
  • ‘हार का शतक और रणनीति की बैठकें’, राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तंज
  • महुआ के बयान से गरमाई राजनीति, यूसुफ पठान को बताया साहसी
  • चौथी तिमाही में भारत का चालू खाता अधिशेष 7.1 अरब डॉलर रहा
  • स्टील सेक्टर की ग्रोथ से रिफ्रैक्टरी उद्योग को लाभ
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In