भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा पेरिस ओलंपिक में अपना खिताब डिफेंड करने से चूक गए। हालांकि, नीरज ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच डाला। वहीं, पाकिस्तान के अरशद नदीम ने ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड हासिल किया। नीरज के प्रदर्शन से उनकी मां सरोज देवी खुश हैं। उन्हें बेटे के गोल्ड से चूकने पर अफसोस नहीं है। नीरज की मां ने नदीम को गोल्ड मिलने पर बड़े दिल वाला रिएक्शन देकर महफिल लूट ली है। उनकी खूब तारीफ हो रही है। सरोज ने कहा कि नीरज ने भले ही गोल्ड नहीं जीता लेकिन नदीम भी हमारा लड़का है।
नीरज की मां ने कहा, ”हम बहुत खुश हैं। हमारे लिए सिल्वर भी गोल्ड के बराबर है। गोल्ड उसका (अरशद नदीम) आ गया, वो भी हमारा ही लड़का है। मेहनत की उसने। हम नीरज के प्रदर्शन से खुश हैं। नीरज आएगा तो उसका फेवरेट खाना बनाएंगे।” बता दें कि नीरज और नदीम के बीच काफी अच्छी दोस्ती है। 26 वर्षीय नीरज ने पेरिस में 89.45 मीटर के सीजन बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर पर कब्जा जमाया है। उनका का दूसरा थ्रो ही एकमात्र वैध थ्रो रहा। इसके अलावा उनके पांचों प्रयास फाउल रहे। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था।
दूसरी ओर, नदीम ने अपना दूसरा थ्रो 92.97 मीटर का लगाया, जो नया ओलंपिक रिकॉर्ड है। उनका छठा और आखिरी थ्रो 91.79 मीटर का था। नदीम ने थॉर्किल्डसेन एंड्रियास का 16 साल पुराना ध्वस्त किया है। नॉर्वे के एंड्रियास ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में 90.57 मीटर का थ्रो किया था। पाकिस्तान का 1992 बार्सीलोना ओलंपिक के बाद यह पहला ओलंपिक मेडल है। इससे पहले दस मुकाबलों में नीरज ने हमेशा नदीम को हराया था।
#WATCH | Haryana: On Neeraj Chopra winning a silver medal in men's javelin throw at #ParisOlympics2024, his mother Saroj Devi says, "We are very happy, for us silver is also equal to gold…he was injured, so we are happy with his performance…" pic.twitter.com/6VxfMZD0rF
— ANI (@ANI) August 8, 2024
नीरज की मां द्वारा नदीम की तारीफ करने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर रिएक्शन आ रहे हैं। लोग लिख लिख रहे हैं मां तो मां होती है। एक यूजर ने कमेंट किया, ”सरोज जी ने कहा वो भी हमारा लड़का है। इसका मतलब है कि वह नदीम का जिक्र कर रही है। मां होती ऐसी है। मां के दिल में सबके लिए प्यार और स्नेह होता है। मां तुझे सलाम।” नीरज लगातार दो ओलंपिक व्यक्तिगत स्पर्धा का पदक जीतने वाले तीसरे और ट्रैक और फील्ड के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले पहलवान सुशील कुमार (2008 और 2012) और बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू (2016 और 2021) यह कमाल किया।













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