डेस्क:केंद्र सरकार की तरफ से आज बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार ने एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF), क्रूड प्रोडक्ट्स, पेट्रोल और डीजल प्रोडक्ट्स पर लगने वाले विंडफाल टैक्स (Windfall tax) को हटा लिया है। पिछले एक महीने इस विषय पर सरकार में मंथन चल रहा था। बता दें, विंडफाल टैक्स हटने से रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी जैसी कंपनियों को फायदा मिलेगा। इससे उनका मार्जिन बढ़ेगा।
2 साल पहले सरकार ने लगाया था विंडफाल टैक्स
सरकार की तरफ से घरेलू ऑयल प्रोडक्शन पर विंडफाल टैक्स लगाया था। केंद्र की सरकार ने जुलाई 2022 में विंडफाल टैक्स की घोषणा की थी। उस समय पेट्रोल और एटीएफ पर छह रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर का एक्सपोर्ट शुल्क लगाया गया था। इसके साथ घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर 23,250 रुपये प्रति टन का विंडफाल टैक्स भी लगाया गया था। सरकार ने यह कर लगाने के पहले वर्ष में शुल्क से लगभग 25,000 करोड़ रुपये, 2023-24 में 13,000 करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष में 6,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।
सेस को भी हटाया
केंद्र सरकार की तरफ से पेट्रोल और डीजल के एक्सपोर्ट पर रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगाया गया था। अब उसे भी हटा लिया गया है। बता दें, सरकार की तरफ से विंडफाल टैक्स हटाए जाने से पहले खूब मंथन हुआ। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पेट्रोलियम मंत्रालय और रेवन्यू डिपार्टमेंट के साथ चर्चा के बाद यह फैसला किया गया है। वहीं, तेल कंपनियों में विंडफाल टैक्स लगाए जाने की वजह से काफी नाराजगी थी।
रूस और यूक्रेन युद्ध की वजह से बदलते थे हालात
जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ तो पश्चिमी देशों ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे। जिसकी वजह से क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही थी। लेकिन इसका फायदा तेल कंपनियों को भी मिला। भारतीय तेल कंपनियों को इस प्रतिबंध की वजह से तगड़ा मुनाफा होने लगा। जिसको देखते हुए केंद्र की सरकार ने विंडफाल टैक्स लाया। सरकार के इस फैसले की वजह अतिरिक्त रेवन्यू जनरेट करना रहा था। भारत के अलावा कई अन्य देश भी विंडफाल टैक्स लगाए थे।













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