डेस्क:आयकर विभाग ने उदयपुर के एक परिवहन व्यवसायी से जुड़े राजस्थान और मुंबई के 23 स्थानों पर चार दिन तक छापेमारी की। इस दौरान 137 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति जब्त की गई। जब्त संपत्ति में 5 करोड़ रुपए नकद और 50 किलोग्राम सोना भी शामिल है।
आयकर विभाग ने हाल ही में उदयपुर स्थित एक प्रमुख परिवहन व्यवसायी टीकम सिंह राव से जुड़े 23 स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान राव के उदयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स कंपनी में भी छापेमारी की गई। अधिकारियों ने छापेमारी खत्म होने के बाद अहम खुलासे किए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार 137 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति जब्त की गई। अघोषित संपत्ति के कुल आकलन के लिए जांच जारी है।
छापेमारी में उदयपुर, जयपुर और मुंबई सहित कई शहर शामिल थे। आयकर अधिकारियों ने कहा कि इस छापेमारी में राजस्थान में अब तक की सबसे बड़ी सोने की बरामदगी है। जब्त किए गए दस्तावेजों की अभी जांच चल रही है। कार्रवाई में उदयपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक टीकम सिंह राव और उनके छोटे भाई गोविंद सिंह राव से जुड़ी संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
अधिकारियों ने खुलासा किया कि टीकम सिंह ने अपनी बेहिसाब संपत्ति मुख्य रूप से लक्जरी कारों, रियल एस्टेट और होटल उद्योग में निवेश की थी। दस्तावेजों के आगे के विश्लेषण के बाद काले धन की कुल राशि बढ़ सकती है।
एक आयकर अधिकारी ने कहा, “हमने छापे में 50 किलो सोना बरामद किया, जिसमें 45 किलो अघोषित था। छापेमारी के दूसरे दिन 29 नवंबर को टीकम सिंह के उदयपुर स्थित आवास से 25 किलो सोना और 3 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए। 30 नवंबर तक सात बैंक लॉकर खोलकर 25 किलो सोना और 2 करोड़ रुपए नकद जब्त किए गए। कुल मिलाकर 50 किलो सोना और 5 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए, जिसमें केवल 5 किलो सोना और 1 करोड़ रुपये घोषित आय का हिस्सा थे।
यह कार्रवाई आयकर विभाग जयपुर के प्रधान निदेशक अवधेश कुमार के निर्देशन में 28 नवंबर की सुबह शुरू की गई थी। छापेमारी 1 दिसंबर को समाप्त हुई। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी में 250 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी लगे हुए थे।













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