डेस्क:संभल की जामा मस्जिद के सामने बन रही पुलिस चौकी पर सियासी बयान थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी इसे लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने दावा किया कि जिस स्थान पर पुलिस चौकी का निर्माण हो रहा है वह वक्फ की जमीन है। ओवैसी ने कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। हालांकि अब संभल जिलाधिकारी ने उनके दावों को खारीज कर दिया है। डीएम ने बताया कि दि जमीन पर पुलिस चौकी का निर्माण हो रहा है वह नगर पालिका की है।
पुलिस चौकी के निर्माण को लेकर संभल डीएम राजेंद्र पेंसिया ने कहा कि सत्यव्रत पुलिस चौकी का निर्माण चल रहा है। अभी तक जितने दस्तावेज आए हैं। उनमें से कोई भी प्रभावित और विधिक पक्षकार नहीं आए हैं। उन दस्तावेजों की जांच की गई है वह अनरजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट्स हैं। जांच जारी है। किसी भी प्रकार का कोई भी व्यक्ति दस्तावेज लेकर आएगा तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई होगी। ‘जमीन किसकी है’ के सवाल पर डीएम ने बताया कि नगर पालिका परिषद में आबादी के नाम पर दर्ज है। नगर पालिका की संपत्ति है।
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने 31 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जिस जमीन पर पुलिस चौकी बन रही है वह वक्फ की जमीन है, जैसा कि रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके अलावा प्राचीन स्मारक अधिनियम के तहत संरक्षित स्मारकों के पास निर्माण कार्य प्रतिबंधित है। इससे जुड़े कुछ दस्तावेज भी ओवैसी ने एक्स पर पोस्ट किया।
आगे लिखा कि यह वक्फ नंबर 39-A, मुरादाबाद है। यह उस ज़मीन का वक्फनामा है, जिस पर पुलिस चौकी का निर्माण हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार को क़ानून का कोई एहतराम नहीं है। असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ संभल में खतरनाक माहौल बनाने का जिम्मेदार भी बताया।













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