डेस्क : तमिलनाडु में कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के बीच गठबंधन टूटने के बाद देश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर परोक्ष रूप से निशाना साधा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी उन राजनीतिक दलों में से नहीं है जो अपने सहयोगियों को बीच रास्ते में छोड़ दें। उन्होंने बिना किसी दल का नाम लिए कहा, “हम ऐसे लोग नहीं हैं जो अपने साथियों को छोड़कर आगे बढ़ जाएँ।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब तमिलनाडु में कांग्रेस ने द्रमुक के साथ अपना 11 वर्षों पुराना गठबंधन समाप्त कर दिया है और अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इस राजनीतिक बदलाव को लेकर द्रमुक की ओर से कांग्रेस पर नाराज़गी भी जताई गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और क्षेत्रीय दलों के बीच भरोसे की राजनीति को लेकर अप्रत्यक्ष टिप्पणी है। उनके अनुसार, यह टिप्पणी विपक्षी खेमे में चल रही खींचतान और बदलते राजनीतिक समीकरणों को भी दर्शाती है।
हालांकि कांग्रेस की ओर से अखिलेश यादव के इस बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन तमिलनाडु की इस राजनीतिक हलचल ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।













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