डेस्क:दुनियाभर में आतंकवाद फैलाने वाले पाकिस्तान का चेहरा एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख आतंकी मसूद अजहर देखा गया है। यह इलाका उसके गढ़ कहे जाने वाले बहावलपुर से हजार किलोमीटर की दूरी पर है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने मसूद अजहर के बहावलपुर में जैश के ठिकाने सुभान अल्लाह कैंप के मरकज को निशाना बनाया था और कई आतंकियों को मार गिराया था।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, मसूद अजहर स्कार्दू के सादपारा रोड इलाके के आसपास देखा गया था। इस क्षेत्र में दो मस्जिदें, मदरसें और कई प्राइवेट व सरकारी गेस्ट हाउस मौजूद हैं। मालूम हो कि हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने दावा किया था कि मसूद अजहर अफगानिस्तान में हो सकता है। साथ ही, दावा किया था कि अगर मसूद पाकिस्तान में हुआ तो इस्लामाबाद उसे भारत को सौंपने के लिए तैयार है। हालांकि, पीओके में मसूद अजहर के दिखने से बिलावल के दावे की पोल खुल गई है और सवाल उठने लगे हैं कि अब जब मसूद पीओके में दिखाई दिया है तो क्या पाकिस्तान उसे भारत को सौंपने के लिए तैयार है?
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इसमें अजहर किसी तरह बच गया था, लेकिन उसके परिवार के दस व चार अन्य करीबी लोग मारे गए थे। इससे उसे बड़ा झटका लगा था। जैश-ए-मोहम्मद ने बयान जारी करके बताया था कि भारतीय हमले में मसूद अजहर की बड़ी बहन, बहनोई, भांजे की पत्नी और भांजी मारी गई। वहीं, पांच बच्चों की भी एयर स्ट्राइक में मौत हो गई।
मसूद अजहर भारत में कई आतंकवादी हमलों का मास्टरमाइंड रह चुका है। साल 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 में हुए पुलवामा हमले के पीछे मसूद अजहर ही था। इस हमले में 40 जवानों शहीद हो गए थे। बाद में भारत ने पीओके में एयरस्ट्राइक करते हुए कई आतंकियों को मार गिराया था। भारत सरकार की ओर से जारी की गई मोस्ट वॉन्टेड की सूची में भी मसूद अजहर का नंबर एक पर नाम है। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का मुखिया है। उसने कंधार हाईजैक की घटना में भारत की ओर से छोड़े जाने के बाद आतंकी संगठन जैश का गठन किया था।












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