नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस बार बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि वह मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
पार्टी के इस निर्णय को राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आप नेताओं का कहना है कि यह कदम भाजपा को नगर निगम की जिम्मेदारी निभाने का पूरा अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि उसके कार्यकाल और प्रशासनिक क्षमता का मूल्यांकन जनता स्वयं कर सके।
सूत्रों के अनुसार, 250 सदस्यीय एमसीडी सदन में भाजपा के पास बहुमत है, जबकि आम आदमी पार्टी दूसरे सबसे बड़े दल के रूप में मौजूद है। इसके बावजूद आप का चुनावी मुकाबले से पीछे हटना राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
पार्टी का यह भी कहना है कि वह विपक्ष की भूमिका में रहते हुए नगर निगम के कामकाज पर नजर रखेगी और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।
गौरतलब है कि एमसीडी में मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव 29 अप्रैल को प्रस्तावित हैं। ऐसे में आप के इस फैसले के बाद नगर निगम की सत्ता संतुलन और राजनीतिक समीकरणों में भाजपा की स्थिति और मजबूत मानी जा रही है।













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