लंदन: इंग्लिश चैनल के रास्ते होने वाली अवैध प्रवासी घुसपैठ को रोकने के लिए ब्रिटेन ने फ्रांस के साथ एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते के तहत ब्रिटेन अगले तीन वर्षों में फ्रांस को अधिकतम ६६० मिलियन पाउंड (करीब ८९२ मिलियन डॉलर) देगा, ताकि छोटी नौकाओं के जरिए होने वाले अवैध पारगमन को रोका जा सके।
यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब चैनल पार कर ब्रिटेन पहुंचने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार ऊंची बनी हुई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष २०२५ में लगभग ४१,००० लोग छोटी नावों के जरिए ब्रिटेन पहुंचे, जो वर्ष २०२२ के रिकॉर्ड स्तर के करीब है।
योजना के तहत लगभग ५०० मिलियन पाउंड उत्तरी फ्रांस के तटीय क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने पर खर्च किए जाएंगे। इसके लिए करीब १,१०० अतिरिक्त पुलिसकर्मी, गुप्तचर अधिकारी और सैन्य कर्मी तैनात किए जाएंगे। साथ ही ड्रोन, दो हेलीकॉप्टर, उन्नत कैमरा प्रणाली और समुद्री गश्त भी बढ़ाई जाएगी।
इसके अलावा १६० मिलियन पाउंड नई सुरक्षा रणनीतियों और अभियानों के लिए रखे गए हैं, लेकिन यह राशि परिणामों पर निर्भर करेगी। यदि अवैध पारगमन में उल्लेखनीय कमी नहीं आती है, तो एक वर्ष बाद भुगतान रोका जा सकता है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार ने दावा किया है कि जुलाई २०२४ से फ्रांस के साथ संयुक्त कार्रवाई के जरिए ४२,००० से अधिक अवैध पारगमन रोके जा चुके हैं।
इस समझौते को अवैध प्रवासन और मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ ब्रिटेन और फ्रांस की अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त पहलों में से एक माना जा रहा है।













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