डेस्क : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पचपदरा रिफाइनरी में हाल ही में लगी आग की घटना को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि किसी नई रिफाइनरी में इस प्रकार आग लगना सामान्य बात नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
गहलोत ने कहा कि तकनीकी दृष्टि से नई इकाइयों में सुरक्षा मानक अधिक सख्त होते हैं, इसलिए ऐसी घटना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि उद्घाटन या परियोजना संचालन को लेकर जल्दबाजी की गई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि यदि सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो मौजूदा संसदीय सीटों में भी आरक्षण लागू किया जा सकता है। परिसीमन को आधार बनाकर फैसलों को टालना उचित नहीं है।
गहलोत ने राजस्थान सरकार पर स्थानीय निकाय चुनाव समय पर नहीं कराने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत रखने के लिए नियमित चुनाव आवश्यक हैं।
इसके अलावा उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं, विकास कार्यों और विभिन्न जनहित मामलों को लेकर भी सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। गहलोत के इन बयानों से राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।













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