डेस्क : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी अपील के बाद ईरान ने आठ महिलाओं को दी जाने वाली फांसी की सजा रोक दी है। वहीं, ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठा और भ्रामक बताया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने ईरान से इन महिलाओं के लिए दया की अपील की थी, जिसके बाद तेहरान ने सजा पर रोक लगाने का फैसला किया। ट्रंप ने यह भी कहा कि इनमें से कुछ महिलाओं को रिहा किया जाएगा, जबकि अन्य को जेल की सजा दी जाएगी।
हालांकि, ईरान की न्यायपालिका से जुड़े अधिकारियों ने ट्रंप के बयान को गलत करार दिया। ईरानी मीडिया के अनुसार, जिन महिलाओं का जिक्र किया जा रहा है, उनमें से कुछ पहले ही रिहा की जा चुकी हैं, जबकि बाकी मामलों में फांसी जैसी कोई सजा तय नहीं थी। अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप को गलत जानकारी दी गई है।
इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ईरान में महिला प्रदर्शनकारियों और सरकार विरोधी आंदोलनों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी वजह से ट्रंप के बयान और ईरान के खंडन के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव के बीच यह बयानबाजी दोनों देशों के रिश्तों में और तल्खी ला सकती है। फिलहाल, ट्रंप के दावे और ईरान के इनकार के बीच सच्चाई को लेकर सवाल बने हुए हैं।













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