• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
 महातपस्वी महाश्रमण के योगक्षेम वर्ष में एक और दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन

 महातपस्वी महाश्रमण के योगक्षेम वर्ष में एक और दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन

April 23, 2026
पुतिन ने भारत यात्रा पूरी की; अफगानिस्तान पर पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष संदेश

ईंधन संकट “गंभीर नहीं”, रूस की यूक्रेन पर हमले तेज़ होने के बीच पुतिन का बयान

July 4, 2026
एक्ट ईस्ट नीति को नई दिशा: पीएम मोदी का तीन देशों का महत्वपूर्ण विदेश दौरा

एक्ट ईस्ट नीति को नई दिशा: पीएम मोदी का तीन देशों का महत्वपूर्ण विदेश दौरा

July 4, 2026
डोभाल के बयान का समर्थन, भारत ने फिर दोहराया आतंकवाद पर सख्त नीति

भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, आतंकवाद और अफगानिस्तान हवाई हमलों की कड़ी निंदा

July 4, 2026
भारत से मुकाबला ना खेलने के फैसले पर कपिल देव का कड़ा रुख

वैभव सूर्यवंशी में दिखती है सचिन-विराट जैसी प्रतिभा : कपिल देव

July 4, 2026
बेन स्टोक्स ने ‘फोर्स्ड रिटायरमेंट’ की अटकलों पर लगाया विराम, भावुक पोस्ट में दिया जवाब

बेन स्टोक्स ने ‘फोर्स्ड रिटायरमेंट’ की अटकलों पर लगाया विराम, भावुक पोस्ट में दिया जवाब

July 4, 2026
राजस्थान में मानसून की वापसी: झमाझम बारिश से राहत, जलभराव और यातायात बाधित

देशभर में मानसून मेहरबान, उत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश की संभावना

July 4, 2026
ममता बनर्जी को खुली चुनौती, बागी गुट ने संभाला टीएमसी कार्यालय

ममता बनर्जी को खुली चुनौती, बागी गुट ने संभाला टीएमसी कार्यालय

July 4, 2026
कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी हलचल, चन्नी के समर्थन में जुटे नेता

कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी हलचल, चन्नी के समर्थन में जुटे नेता

July 4, 2026
‘सीट चोरी’ बयान को लेकर दिग्विजय सिंह घिरे, राजनीतिक टकराव तेज

दिग्विजय सिंह का नया राजनीतिक दांव, राम मंदिर के दान पर उठाए सवाल

July 4, 2026
400 करोड़ एलिमनी की अफवाहों पर सुसैन खान के परिवार का खंडन

400 करोड़ एलिमनी की अफवाहों पर सुसैन खान के परिवार का खंडन

July 4, 2026
आलिया भट्ट की ‘अल्फा’ पर कॉपी के आरोप, ‘ला फेम निकिता’ से तुलना तेज

स्पाई यूनिवर्स की ‘अल्फा’ को मिला ठंडा रिस्पॉन्स

July 4, 2026
इनकम टैक्स रिटर्न 2026-27: विभाग ने अधिसूचित किए सभी ITR फॉर्म

नहीं देना पड़ेगा टैक्स, फिर भी जरूरी हो सकता है ITR दाखिल करना

July 4, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, July 4, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home आराधना-साधना

 महातपस्वी महाश्रमण के योगक्षेम वर्ष में एक और दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन

आर्षवाणी का उच्चारण कर आचार्यश्री ने प्रदान की साध्वी दीक्षा 

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
April 23, 2026
in आराधना-साधना
Reading Time: 1 min read
A A
0
 महातपस्वी महाश्रमण के योगक्षेम वर्ष में एक और दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन
लाडनूं : लगभग 37 वर्षों बाद एक बार पुनः तेरापंथ की राजधानी के रूप में स्थापित लाडनूं की धरती जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, महातपस्वी, अखण्ड परिव्राजक आचार्यश्री महाश्रमणजी के योगक्षेम वर्ष की साक्षी बन रही है। लाडनूं के जैन विश्व भारती में विराजमान युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की सन्निधि में मानों पूरा भारत ही उमड़ आया है। महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि में गुरुवार को दीक्षा समारोह का भी आयोजन हुआ, जिसमें युगप्रधान अनुशास्ता एक दीक्षार्थी बहन को साध्वी दीक्षा प्रदान कर उसे आध्यात्मिक मार्ग प्रदान किया।
गुरुवार को प्रातःकाल सुधर्मा सभा में मुख्य प्रवचन कार्यक्रम के साथ दीक्षा समारोह का भी आयोजन निर्धारित था। युगप्रधान अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी के मंगल महामंत्रोच्चार के साथ समारोह का शुभारम्भ हुआ। साध्वीवृंद ने प्रज्ञागीत का संगान किया। आचार्यश्री ने नित्य की भांति समुपस्थित चतुर्विध धर्मसंघ को कुछ समय तक ध्यान का प्रयोग कराया।
शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी ने आज के निर्धारित विषय ‘इच्छा की अनंतता’ पर चतुर्विध धर्मसंघ को पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि इच्छा की अनंतता की बात है। जैन दर्शन में छह द्रव्यों की बात बताई गई है। इनमें आकाशास्तिकाय एक ऐसा द्रव्य है जो लोक और अलोक दोनों जगहों पर है। यह सर्वत्र व्याप्त है। इसका न कोई आदि बिन्दु है और न ही कोई अंत बिन्दु है। इसी प्रकार कहा गया है कि इच्छाओं का कोई ओर-अंत नहीं होता, इच्छाएं अनंत होती हैं। मोह और मूढ़ लोग असंतोष में परायण होते हैं और जो पंडित और ज्ञानी लोग होते हैं, वे संतोष को धारण कर लेते हैं। जीवन में जब संतोष का प्रादुर्भाव होता है, तब परम सुख की प्राप्ति हो सकती है। इच्छा, आकांक्षा, लालसा- ये सुख के मार्ग नहीं हैं। संतोष से सुख की प्राप्ति हो सकती है। कहीं-कहीं सात्विक इच्छा मान्य भी हो सकती है। उन इच्छाओं से लाभ भी हो सकता है। कही संतोष करना चाहिए और कही संतोष नहीं भी करना चाहिए। एक श्लोक में बताया गया है कि स्वदार, धन व भोजन में संतोष करना चाहिए। इसी प्रकार अध्ययन, जप और दान में संतोष नहीं करना अच्छी बात होती है।
आदमी को भौतिक इच्छाओं में ज्यादा उलझना नहीं चाहिए। गृहस्थ आदमी को अपने जीवन में बहुत ज्यादा संग्रह से बचने का प्रयास करना चाहिए। आदमी को अपने जीवन को संयमित बनाने का प्रयास करना चाहिए।
योगक्षेम वर्ष के दौरान आयोज्य दीक्षा समारोह के आरम्भ में मुमुक्षु दिव्या में दीक्षार्थी बहन चन्दन का परिचय प्रदान किया। पारमार्थिक शिक्षण संस्था के अध्यक्ष श्री बजरंग जैन ने आज्ञा पत्र का वाचन किया। दीक्षार्थी के परिजन श्री अशोक छल्लाणी ने गुरुदेव के करकमलों में आज्ञा पत्र समर्पित किया। दीक्षार्थी चन्दन ने अपनी श्रद्धाभिव्यक्ति दी।
साध्वीप्रमुखा विश्रुतविभाजी ने दीक्षा के महत्त्व को व्याख्यायित करते हुए कहा कि चारित्र रत्न से बड़ा कोई रत्न नहीं और चारित्र से बड़ा कोई सुख नहीं है। जिसे चारित्र का धन प्राप्त हो जाता है, उसे न तो कोई डाका डाल सकता है और न ही कोई छिन सकता है। आचार्यश्री की सन्निधि में हम सभी शाश्वत सुख की कामना करते हैं।
महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी ने दीक्षा प्रदान करने की प्रक्रिया को प्रारम्भ करते हुए आर्षवाणी का उच्चारण प्रारम्भ करते हुए दक्षार्थी बहन की भावना का अंतिम परीक्षण किया और भगवान महावीर व पूर्वाचार्यों को श्रद्धा नमन कर आर्षवाणी का उच्चारण करते हुए दीक्षार्थी चन्दन को साध्वी दीक्षा प्रदान कर दी। तीन करण तीन योग से सर्व सावद्य योगों का त्याग कराने के साथ ही दीक्षार्थी चन्दन ने साधु जीवन में प्रवेश कर लिया। नवदीक्षित साध्वीजी ने आचार्यश्री को सविधि वंदन किया। आचार्यश्री की आज्ञा से साध्वीप्रमुखाजी ने नवदीक्षित साध्वीजी का केशलोच किया। आचार्यश्री ने आर्षवाणी का उच्चारण किया तो साध्वीप्रमुखाजी ने नवदीक्षित साध्वी को रजोहरण प्रदान किया।
आचार्यश्री ने नवदीक्षित साध्वीजी का नामकरण करते हुए कहा कि मुमुक्षु चन्दन का नाम अब साध्वी चन्दनप्रभा होगा। आचार्यश्री की इस घोषणा से पूरा प्रवचन पण्डाल जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने नवदीक्षित साध्वीजी को वंदन किया। आचार्यश्री ने नवदीक्षित साध्वीजी को संयम के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा प्रदान की। आचार्यश्री ने उन्हें शिक्षण-प्रशिक्षण के लिए साध्वीप्रमुखाजी की सन्निधि में सौंपा। कार्यक्रम के दौरान आचार्यश्री ने मुमुक्षु अर्चना को साध्वी प्रतिक्रमण सीखने की अनुमति भी प्रदान की।
Previous Post

भारत-अफ्रीका साझेदारी को नई दिशा देगा आईएएफएस-४ : जयशंकर

Next Post

ट्रंप की टिप्पणी से मचा विवाद, भारत ने शब्दों से नहीं काम से दिया जवाब

Next Post
वक्फ कानून पर भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब

ट्रंप की टिप्पणी से मचा विवाद, भारत ने शब्दों से नहीं काम से दिया जवाब

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • ईंधन संकट “गंभीर नहीं”, रूस की यूक्रेन पर हमले तेज़ होने के बीच पुतिन का बयान
  • एक्ट ईस्ट नीति को नई दिशा: पीएम मोदी का तीन देशों का महत्वपूर्ण विदेश दौरा
  • भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, आतंकवाद और अफगानिस्तान हवाई हमलों की कड़ी निंदा
  • वैभव सूर्यवंशी में दिखती है सचिन-विराट जैसी प्रतिभा : कपिल देव
  • बेन स्टोक्स ने ‘फोर्स्ड रिटायरमेंट’ की अटकलों पर लगाया विराम, भावुक पोस्ट में दिया जवाब
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In