सावन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नागपंचमी पर्व इस वर्ष 29 जुलाई 2025 (मंगलवार) को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। इस दिन शिव योग पूरे दिन रहेगा, साथ ही औदायिक योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और लक्ष्मी योग भी बने हुए हैं, जिससे यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है।
29 जुलाई को ही क्यों मनाई जाएगी नागपंचमी?
हालाँकि पंचमी तिथि की शुरुआत 28 जुलाई की रात 11:43 बजे से हो जाएगी, लेकिन उदया तिथि के नियम के अनुसार पर्व 29 जुलाई को ही मनाया जाएगा। इस दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रात 8:38 बजे तक रहेगा। पूरा दिन शिव योग रहने से भगवान शिव की पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाएगी।
इस दिन नाग देवता के साथ-साथ भगवान शिव की विशेष आराधना करने से मनोकामना पूर्ति होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। धार्मिक मान्यता है कि नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है और घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
कालसर्प दोष क्या होता है?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाएं, तो कालसर्प दोष का निर्माण होता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को जीवन में बार-बार बाधाएं, विघ्न और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
नागपंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय:
1. भगवान शिव की पूजा करें
इस दिन भगवान शिव की विधिवत पूजा करें।
- दूध, गंगाजल, और काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें।
- बिल्वपत्र, धतूरा, सफेद फूल, और फल अर्पित करें।
- शिवजी को भोग लगाकर आरती करें।
2. चांदी या तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा अर्पित करें
- नागपंचमी के दिन चांदी या तांबे से बने नाग-नागिन के जोड़े को पवित्र नदी में प्रवाहित करें या शिवलिंग पर चढ़ाएं।
3. नाग देवता को विशेष भोग अर्पित करें
- नीम, खीरा, नींबू, दही और चावल को मिलाकर एक विशेष पकवान बनाएं और उसे नाग देवता व कुल देवी-देवताओं को अर्पित करें।
4. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
- कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए इस दिन कम से कम 108 बार “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…” महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
5. काले तिल और गंगाजल से शिव का अभिषेक
- गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में शांति आती है।
नागपंचमी केवल एक पर्व नहीं बल्कि आध्यात्मिक शुद्धिकरण और कर्म दोष निवारण का एक विशेष अवसर है। इस दिन की गई श्रद्धापूर्वक पूजा और मंत्र जाप से जीवन की समस्याएं दूर हो सकती हैं और मन को शांति प्राप्त होती है।
29 जुलाई को शिव और नागदेव की उपासना कर आप भी सुख-समृद्धि और मानसिक शांति की दिशा में एक पवित्र कदम बढ़ा सकते हैं।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

