नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भारत के निर्यात क्षेत्र ने मजबूत प्रदर्शन किया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि अप्रैल के पहले तीन सप्ताह में देश के निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मीडिया से बातचीत में गोयल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय निर्यातकों में उत्साह बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नए व्यापार समझौते लागू होने से भारतीय वस्तुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि भारत अब वैश्विक व्यापार में अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, कृषि उत्पाद, समुद्री उत्पाद और सेवा क्षेत्र सहित कई उद्योगों को नए बाजार मिलने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के साथ हुए समझौतों के कारण भारत को वरीयतापूर्ण बाजार पहुंच मिल रही है। इससे भारतीय उत्पादों पर लगने वाला शुल्क प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में कम रहेगा, जिससे घरेलू उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।
समुद्री व्यापार मार्गों पर टिप्पणी करते हुए गोयल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी चुनौती बना हुआ है, लेकिन भारतीय निर्यातक वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से व्यापार जारी रखे हुए हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि हाल ही में दोनों देशों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई है और आगे भी बातचीत जारी है।
इससे पहले मंत्री ने भारत-न्यूज़ीलैंड समझौते को भी लाभकारी बताते हुए कहा कि इसके तहत शिक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, खेल, संस्कृति, बौद्धिक संपदा और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाले सभी योग्य उत्पादों पर शून्य शुल्क लागू होगा।
गोयल ने कहा कि न्यूज़ीलैंड अगले 25 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर तक निवेश करेगा। इससे देश में रोजगार सृजन होगा, उद्योगों को मजबूती मिलेगी और भारत के विकास अभियान को नई गति प्राप्त होगी।













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