नई दिल्ली: दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायुसेना के मामले में अमेरिका का दबदबा हे। वहीं, रूस दूसरे नंबर पर है। गर्व की बात यह है कि भारत ने ताकत के मामले में चीन की वायुसेना को पीछे छोड़ दिया है। दुनिया की वायुसेनाओं पर नजर रखने वाली संस्था WDMMA ने यह आकलन किया है। उसने 2025 की रैंकिंग जारी की है, जिसमें अमेरिका, रूस के बाद भारत की वायुसेना को सबसे ताकतवर बताया गया है। वहीं, चीन इस मामले में चौथे नंबर पर है। पाकिस्तान तो इस लिस्ट में टॉप 10 में भी नहीं है।
पूरी दुनिया में सैन्य बजट में लगातार हो रहा इजाफा
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन संकट और मध्य पूर्व जैसे क्षेत्रों में बढ़ते तनाव जैसे मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों और संघर्षों के कारण वैश्विक सैन्य व्यय 2023 में 2.44 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया है। SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले वर्ष की तुलना में 6.8% की वृद्धि दर्शाता है। ऐसे में पूरी दुनिया में वायु सैन्य क्षमताओं में उल्लेखनीय प्रगति और रणनीतिक विकास हो रहा है। दुनिया भर के देश रणनीतिक लाभ बनाए रखने और खुद को अग्रणी वायु सेना के रूप में स्थापित करने के लिए अपनी हवाई क्षमताओं को लगातार उन्नत कर रहे हैं।
अमेरिका का आसमान पर है राज, उसके जैसा कोई नहीं
वायु शक्ति लंबे समय से वैश्विक प्रभुत्व में एक निर्णायक कारक रही है, जो 20वीं सदी के आरंभ से युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा विश्व भर में सशस्त्र बलों के लिए एक आवश्यक परिसंपत्ति साबित हो रही है। ग्लोबल फायर पावर, 2025 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका की हवाई शक्ति अद्वितीय है, जो रूस, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और जापान की संयुक्त हवाई क्षमताओं से भी आगे है, क्योंकि वैश्विक सैन्य खर्च का लगभग 40% हिस्सा उसी के पास है।
हवाई बेड़े की संख्या के मामले में चीन है भारत से आगे
ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स में हवाई बेड़े के मामले में अमेरिका के बाद रूस दूसरे स्थान पर है, जिसके पास अमेरिका की हवाई क्षमता का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। वहीं हवाई बेड़े के मामले में चीन तीसरे नंबर पर है, जो तकनीकी में महत्वपूर्ण निवेश के माध्यम से अपनी क्षमताओं को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
WDMMA के आकलन में वायुसेना की देखी जाती है गुणवत्ता
WDMMA अपनी सालाना रैंकिंग में दुनिया की विभिन्न वायु सेनाओं की कुल लड़ाकू शक्ति से संबंधित मूल्यों को ध्यान में रखता है। यह सूत्र ‘TruVal Rating’ (TVR) पैदा करता है जो हर ताकत को न केवल समग्र शक्ति के आधार पर, बल्कि आधुनिकीकरण, सैन्य सहायता, आक्रमण और रक्षा क्षमताओं आदि के आधार पर भी स्पष्ट रूप से अलग करने में मदद करता है। ऐसे में किसी शक्ति का मूल्यांकन केवल उसके विमानों की कुल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और इन्वेंट्री के सामान्य मिश्रण के आधार पर किया जाता है। वर्तमान WDMMA की सूची में 103 देशों पर नजर रखी गई है। इनमें 129 हवाई सेवाएं शामिल हैं (इसमें सेना, नौसेना और मरीन शाखाएं शामिल हैं)। इस सर्वे में कुल 48,082 विमान शामिल हैं।













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