डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को मानसा की अदालत ने आपराधिक मानहानि मामले में कड़ी चेतावनी दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि वे अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनकी जमानत रद्द करने सहित कड़ी कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
अदालत ने सुनवाई के दौरान नाराजगी जताते हुए कहा कि मामले में लगातार अनुपस्थिति के कारण न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। बताया गया कि मुख्यमंत्री लंबे समय से व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं हुए हैं।
मंगलवार को भगवंत मान की ओर से पेशी से छूट के लिए आवेदन दिया गया, जिसमें सरकारी व्यस्तताओं और महत्वपूर्ण बैठकों का हवाला दिया गया। अदालत ने इस बार राहत देते हुए अगली तारीख पर अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश जारी किए।
यह मामला वर्ष २०१९ का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता पूर्व विधायक नजर सिंह मनशाहिया ने आरोप लगाया था कि उनके विरुद्ध सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक और मानहानिकारक बयान दिए गए थे। इसी आधार पर अदालत में परिवाद दायर किया गया था।
अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां मुख्यमंत्री की उपस्थिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है।













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