डेस्क:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार की शाम लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA करेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसका फैसला किया है और जांच का जिम्मा NIA को सौंप दिया है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अणित शाह ने आज हाई लेवेल मीटिंग की, जिसमें धमाके की जांच NIA से कराने का फैसला किया गया। फिलहाल जांच एजेंसियां घटनास्थल से धमाके के सुराग इकट्ठा कर रही हैं। NIA को मामला सौंपने की बड़ी वजह इस धमाके के तार कई राज्यों से जुड़ा होना बताया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, आसूचना ब्यूरो (आईबी) के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के महानिदेशक सदानंद वसंत दाते शामिल हुए, जबकि जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात डिजिटल माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम के तहत आतंकवादी हमला मामले की साजिश एवं ऐसे मामलों में सजा से संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी में कई स्थानों पर छापेमारी की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लाल किले के पास जिस कार में सोमवार शाम को विस्फोट हुआ, उसके चालक का कथित तौर पर फरीदाबाद आतंकवादी मॉड्यूल से संबंध था।
राष्ट्रीय राजधानी को अभी ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है और हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार पुलवामा का निवासी और पेशे से चिकित्सक उमर मोहम्मद कथित तौर पर वह हुंडई आई20 कार चला रहा था, जो लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग क्षेत्र में हुए विस्फोट में इस्तेमाल हुई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि लाल किले के पास जिस कार में विस्फोट हुआ उसे चला रहे व्यक्ति की पहली तस्वीर इलाके के सीसीटीवी फुटेज में सामने आई है। उन्होंने बताया कि व्यक्ति के फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से कथित तौर पर संबंध थे, जहां से विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा जखीरा जब्त किया गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में संभवत: अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया है। इस विस्फोट में कम से कम नौ लोग मारे गए। पुलिस के एक सूत्र ने कहा कि प्रारंभिक जांच से दिल्ली विस्फोट और फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के बीच संभावित संबंध का संकेत मिलता है, जहां से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया था। सूत्र ने कहा, ‘‘अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।’’
सोमवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी में हुए विस्फोट में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गयी और 24 अन्य घायल हो गये। अधिकारियों का कहना है कि कार धीमी गति से चल रही थी और विस्फोट के समय लाल किला क्षेत्र के पास एक ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी थी, जिससे आस-पास के कई वाहनों में आग लग गयी।













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