कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के सेकेंडरी रनवे से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर बैंकड़ा मस्जिद का अस्तित्व, यात्रियों और विमान संचालन के लिए बड़ा खतरा बन गया है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि मस्जिद के कारण रनवे का 88 मीटर हिस्सा इस्तेमाल नहीं हो पाता, जिससे आपातकालीन लैंडिंग पर गंभीर असर पड़ सकता है।
बीजेपी ने मस्जिद की वजह से चल रही “सुरक्षा और वोटबैंक राजनीति” की शिकायत भी उठाई है।
इतिहास ने खड़ा किया यह संकट
1890 के दशक में बनी मस्जिद एयरपोर्ट के कई दशक पहले अस्तित्व में थी। 1950-60 के दशक में एयरपोर्ट का विस्तार हुआ, लेकिन मस्जिद को हटाया नहीं गया। पिछले 70 सालों में इसे किसी नई जगह शिफ्ट करने के तमाम प्रयास नाकाम रहे।
सुरक्षा अलर्ट:
- रोजाना 50-60 लोग, जुमे को 200-250 और रमजान में और भी ज्यादा नमाज अदा करने आते हैं।
- विमानन सुरक्षा के नियमों के बीच आम लोगों का आगमन जोखिम भरा।
- प्राइमरी रनवे बंद होने पर आपातकालीन लैंडिंग मुश्किल।
विशेषज्ञों का कहना है कि एयरपोर्ट के विस्तार में देरी का मुख्य कारण यही मस्जिद है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार, एएआई और स्थानीय समुदाय मिलकर कोई स्थायी और सुरक्षित समाधान निकाल पाएंगे, या यात्रियों की सुरक्षा हमेशा खतरे में रहेगी?













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