डेस्क : पश्चिम बंगाल में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर के विवादित बयान पर राजनीतिक हलचल थमने का नाम नहीं ले रही। मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने की घोषणा के बाद पहले तो पार्टी नेताओं ने ही दूरी बना ली, और अब खबर है कि खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी इस फैसले से बेहद नाराज़ हैं। हालांकि, टीएमसी ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
पार्टी सूत्रों का दावा
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कबीर की घोषणा से खुश नहीं हैं। पार्टी ने साफ कर दिया है कि यह फैसला उनका व्यक्तिगत है और टीएमसी इसका समर्थन नहीं करती। बताया जा रहा है कि यह संदेश खुद विधायक तक पहुंचा दिया गया है।
इससे पहले टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी भी इस बयान से किनारा करते हुए कह चुके हैं कि “पश्चिम बंगाल के लोग सिर्फ ममता बनर्जी पर भरोसा करते हैं, किसी और के बयान की कोई अहमियत नहीं।”
रैली में शामिल हो सकते हैं कबीर
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के मंत्री ब्रत्य बसु ने कहा कि विधायक हुमायूं कबीर से बातचीत हो चुकी है और पार्टी नेतृत्व मामले की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कबीर बहरमपुर में होने वाली मुख्यमंत्री की रैली में शामिल होंगे।
सीएम ममता बनर्जी गुरुवार को मुर्शिदाबाद के सीमावर्ती क्षेत्रों में SIR के विरोध में रैली निकालने जा रही हैं, और पार्टी ने कबीर को भी कार्यक्रम में आने का निमंत्रण दिया है।
हालांकि, विवाद शांत होते नहीं दिख रहा, क्योंकि बुधवार को कबीर ने दोबारा दावा किया कि वे 6 दिसंबर को बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखने वाले हैं।
राज्यपाल ने जताई कड़ी चिंता
विधायक की घोषणा के बाद राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
राजभवन के एक अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल ने एक कड़ा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि जरूरत पड़े तो एहतियातन लोगों को हिरासत में भी लिया जा सकता है।
कार्यक्रम स्थल अब भी अज्ञात
रिपोर्ट्स के अनुसार, कबीर के 6 दिसंबर वाले कार्यक्रम को पुलिस की मंजूरी नहीं मिली है। ऊपर से, उन्होंने अब तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि मस्जिद की नींव रखने का स्थान कहाँ है। इसी वजह से प्रशासन पूरे जिले में हाई अलर्ट पर है।













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