डेस्क : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। शनिवार को सुकमा जिले के किस्ताराम क्षेत्र के जंगलों में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं।
इसी क्रम में बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में भी डीआरजी की टीम ने नक्सलियों के खिलाफ सघन कार्रवाई की। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर कर दिए गए। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने बताया कि अब तक मुठभेड़ स्थल से दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। सुबह करीब पांच बजे से डीआरजी और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी रही।
फिलहाल तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षाबलों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने आगे की जानकारी साझा नहीं की है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है।
नक्सल विरोधी अभियान को मिली गति
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 824 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 1079 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और अलग-अलग मुठभेड़ों में 222 नक्सली मारे गए हैं। बीजापुर, बस्तर मंडल के सबसे अधिक नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि देश को 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त किया जाएगा।
इनाम घोषित नक्सलियों पर शिकंजा
इससे पहले तेलंगाना में नक्सली कमांडर बरसे देवा उर्फ साइनाथ ने आत्मसमर्पण किया था, जिस पर 25.47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं कुख्यात नक्सली नेता माडवी हिडमा को 18 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के मारे डुमिल्ली इलाके में हुए एनकाउंटर में मार गिराया गया था।
आंध्र प्रदेश की ओर रुख की कोशिश
पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ते दबाव के चलते नक्सली संगठन आंध्र प्रदेश की ओर रुख करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षाबल खुफिया सूचनाओं के आधार पर उनकी हर कोशिश को नाकाम कर रहे हैं। नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी से हालात सुरक्षाबलों के पक्ष में जाते दिख रहे हैं।












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