नई दिल्ली : भारत ने शनिवार को लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूएनआईफिल) में तैनात फ्रांसीसी शांति सैनिकों पर हुए घातक हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा, “हम आज यूएनआईफिल में तैनात फ्रांसीसी संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हम शहीद ब्लू हेलमेट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और घायल तीन अन्य शांति सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
यूएनआईफिल ने अपने बयान में बताया कि शनिवार सुबह गंधूरियाह गांव की सड़क पर विस्फोटक सामग्री हटाने के लिए गई उसकी गश्ती टीम पर गैर-राज्य तत्वों ने छोटे हथियारों से गोलीबारी की। इस हमले में एक शांति सैनिक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है।
यूएनआईफिल ने कहा कि घायलों को उपचार के लिए चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक आकलन में गोलीबारी के पीछे गैर-राज्य तत्वों, कथित तौर पर हिज्बुल्लाह, का हाथ बताया गया है।
भारत ने शोक संतप्त परिवार और फ्रांस सरकार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए लेबनान सरकार से इस हमले की तत्काल जांच कर दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का नेतृत्व किया था, जो शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। भारत ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र परिसरों और कर्मियों की पवित्रता तथा सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।












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