नई दिल्ली : भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने आगामी बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के लिए देशव्यापी मैस्कॉट डिजाइन प्रतियोगिता की घोषणा की है। इस पहल के तहत देशभर के प्रशंसकों, कलाकारों और रचनाकारों को इस प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजन की पहचान तैयार करने में भाग लेने का अवसर दिया गया है।
बीएआई के अनुसार, इस प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल प्रशंसकों की भागीदारी बढ़ाना है, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और बैडमिंटन में बढ़ते दबदबे को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है। यह अपने प्रकार की पहली पहल है, जो खेल और दर्शकों के बीच संबंध को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
करीब 17 वर्षों के बाद विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन भारत में होने जा रहा है। पिछले एक दशक में भारतीय खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में 15 पदक जीतकर देश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसमें पी.वी. सिंधु का 2019 का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक और सात्विक-चिराग की पिछले वर्ष की कांस्य पदक उपलब्धि शामिल है।
नई दिल्ली इस वैश्विक खेल आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। ऐसे में मैस्कॉट प्रतियोगिता का उद्देश्य एक ऐसी दृश्य पहचान तैयार करना है, जो भारत की खेल उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और बैडमिंटन के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शा सके।
यह प्रतियोगिता सभी आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए खुली है और 18 अप्रैल से 10 मई तक चलेगी। विजेता को 25,000 रुपये की नकद राशि के साथ सेमीफाइनल या फाइनल के लिए वीआईपी टिकट भी प्रदान किए जाएंगे।
भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि आज बैडमिंटन भारत के हर कोने में खेला और पसंद किया जाता है। यह खेल क्षेत्र, संस्कृति और पृष्ठभूमि की सीमाओं से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजन के माध्यम से बीएआई चाहती है कि प्रशंसक इस यात्रा का हिस्सा बनें और अपनी रचनात्मकता के जरिए टूर्नामेंट की पहचान में योगदान दें।
प्रतियोगिता में प्रस्तुत किए जाने वाले डिजाइन में आधुनिक भारत और उसकी सांस्कृतिक विरासत का समन्वय अपेक्षित है। साथ ही, उसमें बैडमिंटन खेल के तत्वों—जैसे रैकेट, शटल या खेल की गति—को भी रचनात्मक रूप से शामिल करना होगा।
प्रविष्टियों का मूल्यांकन रचनात्मकता, मौलिकता, विषय से जुड़ाव और दृश्य प्रभाव के आधार पर किया जाएगा। चयनित मैस्कॉट आगामी टूर्नामेंट के लिए मुख्य दृश्य पहचान के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा और इसे भारत सहित वैश्विक स्तर पर प्रचार अभियानों में प्रस्तुत किया जाएगा।
जूरी पैनल द्वारा सभी प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया जाएगा और विजेता डिजाइन को प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सार्वजनिक किया जाएगा। यह आयोजन 17 से 23 अगस्त 2026 के बीच नई दिल्ली में प्रस्तावित है।
इस पहल के माध्यम से बीएआई का उद्देश्य विश्व चैंपियनशिप से पहले प्रशंसकों की भागीदारी को और गहरा करना है, ताकि देश की रचनात्मक ऊर्जा को वैश्विक खेल मंच से जोड़ा जा सके।












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