वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को काशी में प्रेस कांफ्रेंस कर मणिकर्णिका घाट परियोजना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। सीएम ने आरोप लगाया कि कुछ लोग एआई जेनरेटेड वीडियो और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर मंदिरों को तोड़े जाने का भ्रम फैला रहे हैं और जनभावनाओं को भड़काने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर निर्माण के समय ऐसे प्रयास किए गए थे, जब टूटी मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल की गईं।
वाराणसी पहुंचकर सीएम योगी ने सबसे पहले काशी विश्वनाथ और काल भैरव की पूजा-अर्चना की और मणिकर्णिका घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले यहां प्रतिदिन औसतन 5 हजार से 25 हजार श्रद्धालु आते थे, जबकि अब 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु रोजाना काशी का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है और पिछले 11 वर्षों में हुए समग्र विकास को बाधित करने की साजिशें रची जा रही हैं।
सीएम ने बताया कि काशी में अब तक 55 हजार करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें से 36 हजार करोड़ की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी समेत हर क्षेत्र में विकास हुआ है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि मणिकर्णिका और हरिशचंद्र घाट जैसी प्राचीन स्थलों पर अंतिम संस्कार करने वालों के लिए सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यह काम सरकारी फंड से नहीं बल्कि CSR फंड से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि धार्मिक संस्कार गरिमा और सुरक्षा के साथ संपन्न हों।
सीएम ने बताया कि शवदाह के दौरान राख गंगा में ना जाए, इसके लिए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि डोम समाज के सम्मान में कोई कमी न आए।












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