डेस्क: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि जब वे भाजपा में शामिल होने से पहले कांग्रेस में थे, तब उन्हें राहुल और प्रियंका के बीच चल रही अंदरूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा।
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान NDTV से बातचीत में सरमा ने कहा, “गांधी परिवार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हालिया राजनीतिक फैसले इसके स्पष्ट संकेत हैं। राहुल गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी केरल में अपना प्रभुत्व बढ़ाएं। यही वजह है कि उन्हें केरल की बजाय असम में चुनावी जिम्मेदारी दी गई।”
“मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा हूं, मुझे अंदर की जानकारी है,” सरमा ने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और उनके करीबी नेताओं के ‘गुट’ को मजबूत रखना चाहते हैं, जबकि प्रियंका गांधी उस गुट का हिस्सा नहीं हैं।
सरमा ने सवाल उठाया, “केरल की सांसद को उनके गृह क्षेत्र में जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई? इसके बजाय उन्हें असम भेज दिया गया। इसे और कैसे समझा जाए? यह स्पष्ट संकेत है कि राहुल गांधी प्रियंका को केरल की राजनीति में सक्रिय नहीं देखना चाहते।”
बीजेपी में शामिल होने के बाद से हिमंत बिस्वा सरमा लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमलावर रहे हैं। उनके इस बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह को सार्वजनिक मंच पर उजागर किया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
सरमा के बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस नेतृत्व के भीतर वाकई राहुल और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद हैं, या यह सिर्फ विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

