कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीति का तापमान बढ़ता जा रहा है। हुमायूं कबीर, जिन्होंने पहले तृणमूल कांग्रेस में लंबा समय बिताया और अब आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हैं, ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वह मुस्लिम वोटों को पाने के लिए कदम उठाती हैं, लेकिन हिंदू मतदाताओं के लिए मंदिर निर्माण को प्राथमिकता देती हैं।
कबीर ने कहा कि राज्य में कई दुर्गा मंदिरों और जगन्नाथ धाम जैसे धार्मिक स्थलों का निर्माण मुसलमानों की जमीन पर किया जा रहा है। उन्होंने इसे साम्प्रदायिक विभाजन की रणनीति करार दिया।
कबीर ने अपने चुनावी गठबंधन की रूपरेखा भी स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि AJUP 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जिसमें 8 सीटें AIMIM को दी जाएंगी। इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं को ₹3,500 का वित्तीय भत्ता देने की घोषणा की, जो ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना से अधिक है।
हुमायूं कबीर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य तृणमूल और भाजपा दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ना है। उन्होंने अपनी पार्टी और गठबंधन के जरिए पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ लाने की कोशिश की है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बार साम्प्रदायिक मुद्दों और मतदाताओं की भावनाओं का चुनाव परिणाम पर असर पड़ सकता है।













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