पटना/कोझिकोड : राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव बिहार में हालिया राजनीतिक झटकों के बाद अब केरल की सियासत में सक्रिय हो गए हैं। तेजस्वी यादव वहां वामपंथी दलों के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे हैं और कांग्रेस के खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाल रहे हैं।
बिहार विधानसभा और राज्यसभा चुनावों में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने रणनीति बदलते हुए केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवारों के समर्थन में रैलियां और जनसभाएं शुरू कर दी हैं। उनका यह कदम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दिलचस्प यह है कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एक ही गठबंधन में साथ रहे हैं, लेकिन केरल में दोनों आमने-सामने हैं। यहां राष्ट्रीय जनता दल, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा के साथ मिलकर कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव का यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि क्षेत्रीय दल अब राज्यों के हिसाब से अलग-अलग रणनीति अपनाने में संकोच नहीं कर रहे हैं। हालांकि, इससे विपक्षी एकता को लेकर नए सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है। वाम मोर्चा सत्ता बचाने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। ऐसे में तेजस्वी यादव की सक्रियता ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है।













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