नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने एलपीजी (रसोई गैस) की अतिरिक्त खरीद शुरू कर दी है। देश में घरेलू जरूरतों और व्यावसायिक मांग को पूरा करने के लिए सरकारी तेल कंपनियां अब स्पॉट मार्केट से गैस खरीद रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, भारत की तेल विपणन कंपनियां दीर्घकालिक समझौतों के अलावा तत्काल जरूरतों को देखते हुए अतिरिक्त कार्गो मंगा रही हैं। इसके तहत अमेरिका समेत अन्य देशों से एलपीजी की खेप खरीदी जा रही है, जो आने वाले महीनों में भारत पहुंच सकती है।
भारत में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में एलपीजी की खपत होती है, जिसमें एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा किया जाता है। अब तक भारत की गैस जरूरतों का बड़ा भाग खाड़ी देशों से आता रहा है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने आयात के स्रोतों में विविधता लाने की रणनीति अपनाई है।
सरकार ने अमेरिका, कनाडा, नॉर्वे, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से भी एलपीजी खरीद बढ़ाई है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके। हाल के दिनों में कई गैस जहाज भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है। हालांकि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में लगातार तेजी बनी रहती है, तो आने वाले समय में घरेलू कीमतों पर असर पड़ सकता है।













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