डेस्क : भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 1500 किलोमीटर तक मार करने वाली स्वदेशी हाइपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण ओडिशा तट के पास किया गया, जिसे देश की सामरिक और समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
यह मिसाइल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित की गई है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य को सटीकता से भेदते हुए सभी तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। अधिकारियों के अनुसार, यह परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल की कार्यक्षमता अपेक्षाओं के अनुरूप पाई गई।
इस अत्याधुनिक मिसाइल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हाइपरसोनिक गति है, जो ध्वनि की गति से कई गुना अधिक (मैक 5 से ऊपर) होती है। इतनी तेज गति के कारण इसे दुश्मन के रडार और वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा रोक पाना अत्यंत कठिन हो जाता है। इसके साथ ही इसकी 1500 किलोमीटर की लंबी मारक क्षमता भारतीय नौसेना को समुद्र में दूर स्थित लक्ष्यों को भेदने में सक्षम बनाती है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल भारतीय नौसेना की ताकत को नई ऊंचाई देगी। यह न केवल दुश्मन के युद्धपोतों और समुद्री ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक बढ़त को भी मजबूत करेगी।
इस सफल परीक्षण के साथ भारत हाइपरसोनिक हथियार तकनीक विकसित करने वाले चुनिंदा देशों की श्रेणी में अपनी स्थिति और सुदृढ़ कर रहा है। यह उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।













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