डेस्क : आम आदमी पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार जारी है। इसी बीच पूर्व आप नेता और शिक्षक अवध ओझा का बयान सामने आया है, जिसने इस बहस को और तेज कर दिया है।
अवध ओझा ने राघव चड्ढा के राजनीतिक कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें महात्मा गांधी के साथ तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि “वो गांधी थोड़ी हैं कि आश्रम में रहें और चरखा चलाएं।” उनके अनुसार, गांधी, भगत सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद जैसे नेताओं ने संघर्ष को जीवन का हिस्सा बना लिया था, जबकि आज की राजनीति में परिस्थितियाँ अलग हैं।
ओझा ने आगे कहा कि आज के समय में कई नेता सुविधाओं और राजनीतिक लाभ के आधार पर निर्णय लेते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि लंबे समय तक संघर्ष और अस्थिरता में रहने के बाद कई नेता अपनी राजनीतिक दिशा बदल लेते हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब राघव चड्ढा समेत कई सांसदों के भाजपा में शामिल होने को लेकर देश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस राजनीतिक बदलाव को विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं।
इस घटनाक्रम ने न केवल संसद की राजनीति में हलचल बढ़ाई है, बल्कि आने वाले समय में विपक्षी दलों की रणनीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।













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