न्यूयॉर्क : संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की समृद्ध गणितीय परंपरा और वैश्विक योगदान को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किया। यह प्रदर्शनी भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक उपलब्धियों तक के गणितीय विकास को विश्व मंच पर प्रस्तुत करती है।
“शून्य से अनंत” विषय पर आधारित इस प्रदर्शनी का आयोजन संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन द्वारा किया गया है। इसका उद्देश्य भारतीय गणितीय विरासत को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना है।
प्रदर्शनी में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य जैसे महान भारतीय गणितज्ञों के योगदान को प्रमुखता से दर्शाया गया है। साथ ही केरल स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स की परंपरा और शून्य, दशमलव प्रणाली, त्रिकोणमिति एवं बीजगणित के विकास में भारत की भूमिका को भी रेखांकित किया गया है।
उद्घाटन अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि गणित केवल एक विषय नहीं, बल्कि यह मानव सभ्यता की साझा भाषा है, जिसने विज्ञान और तकनीक के विकास को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच पर ऐसी प्रदर्शनी ज्ञान के आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत आज केवल अपनी प्राचीन विरासत पर गर्व नहीं करता, बल्कि आधुनिक विज्ञान, नवाचार और डिजिटल प्रगति के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान दे रहा है।
यह प्रदर्शनी भारत की बौद्धिक विरासत और वैश्विक विज्ञान में उसके योगदान को रेखांकित करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सॉफ्ट पावर को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत

