डेस्क: नीट-यूजी परीक्षा 2026 में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देश में राजनीतिक तापमान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस दौर को “अमृत काल” बताते हैं, वही अब देश के युवाओं के लिए “विष काल” में बदलता दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती हैं।
उन्होंने कहा कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियां केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। राहुल गांधी ने इसे “युवाओं के भविष्य के खिलाफ गंभीर अपराध” करार दिया।
इस बीच, विवाद बढ़ने के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है। साथ ही मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई है, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
सरकार के इस निर्णय के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस और नाराजगी का माहौल देखा जा रहा है। वहीं, विपक्षी दलों ने भी सरकार की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए पारदर्शिता की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगामी दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ संवेदनशील मुद्दा है।













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