नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) के आईपीओ प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के साथ ही कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
सरकारी मंजूरी के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड अपनी इस प्रमुख सहायक कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 25 प्रतिशत तक घटा सकेगी। यह विनिवेश प्रक्रिया आईपीओ के माध्यम से की जाएगी, जिसमें ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) और नई इक्विटी जारी करने का विकल्प शामिल रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित आईपीओ के जरिए सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी का पुनर्गठन करते हुए पूंजी बाजार में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। साथ ही, इससे कंपनी के मूल्यांकन को बाजार आधारित रूप से सामने लाने में मदद मिलेगी।
महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और देश के प्रमुख कोयला उत्पादकों में से एक मानी जाती है। कंपनी का प्रमुख संचालन क्षेत्र ओडिशा में स्थित है, जहां यह बड़े पैमाने पर कोयला उत्पादन करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस आईपीओ से कोयला क्षेत्र में निवेश के नए अवसर खुलेंगे और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में पारदर्शिता एवं दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार पहले भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश और सूचीबद्धता की दिशा में कई कदम उठा चुकी है, और एमसीएल का आईपीओ इसी नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।













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