डेस्क : भारत और नीदरलैंड्स ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए उन्हें औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब जेतेन के बीच द हेग में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद लिया गया।
दोनों नेताओं ने इस अवसर पर एक महत्वाकांक्षी रोडमैप को भी अपनाया, जिसके तहत आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, रक्षा, हरित ऊर्जा, नवाचार और तकनीकी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स के बीच यह साझेदारी आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और विकास की समान दृष्टि पर आधारित है। वहीं, डच प्रधानमंत्री रोब जेतेन ने इसे भविष्य-उन्मुख सहयोग का एक महत्वपूर्ण चरण बताया।
वार्ता के दौरान दोनों पक्षों ने विशेष रूप से उच्च प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इस दिशा में भारत की टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और नीदरलैंड्स की एएसएमएल कंपनी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते को भी सहयोग के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह साझेदारी न केवल भारत और नीदरलैंड्स के संबंधों को नई गति देगी, बल्कि यूरोप में भारत की तकनीकी और आर्थिक उपस्थिति को भी मजबूत करेगी।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, उन्नत तकनीक और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी भूमिका को तेजी से विस्तार दे रहा है।













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