नई दिल्ली : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद अब रसोई गैस उपभोक्ताओं पर भी महंगाई का बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी और तेल कंपनियों पर बढ़ते वित्तीय दबाव के बीच एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी जल्द वृद्धि हो सकती है।
सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में फिर इजाफा किया। पिछले एक सप्ताह में ईंधन की कीमतों में करीब 4 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इससे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है और परिवहन लागत बढ़ने की संभावना भी तेज हो गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर अब घरेलू गैस बाजार पर भी दिखाई दे सकता है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि फिलहाल तेल कंपनियों की ओर से घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई औपचारिक बदलाव घोषित नहीं किया गया है।
वहीं, वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दामों में पहले ही कई शहरों में बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। होटल, रेस्तरां और छोटे कारोबारियों पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। यदि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ते हैं तो इसका सीधा प्रभाव मध्यम वर्ग और आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही हैं। दिल्ली में पेट्रोल करीब 98 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन की कीमतों में तेजी बनी हुई है।
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल जारी रहा, तो आने वाले समय में ईंधन और रसोई गैस दोनों के दामों में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।













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