डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ विराट कोहली ने खुलासा किया है कि कप्तानी छोड़ने के बाद उनके करियर का दौर मानसिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। इस समय उन्होंने पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और बल्लेबाज़ी कोच विक्रम राठौर के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया है।
कोहली के अनुसार, कप्तानी से हटने के बाद वह मानसिक थकान और निराशा की स्थिति से गुजर रहे थे। लगातार वर्षों तक टीम की अगुवाई करने के बाद आए दबाव ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया था। इस दौरान उनके खेल में निरंतरता और आत्मविश्वास पर भी असर देखने को मिला।
इसी कठिन समय में राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर ने टीम वातावरण को सरल और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोहली ने कहा कि दोनों कोचों ने उन्हें ऐसा माहौल दिया, जिसमें वह बिना अतिरिक्त दबाव के अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सके। इससे उन्हें फिर से क्रिकेट का आनंद महसूस होने लगा।
सूत्रों के अनुसार, कोहली ने यह भी स्वीकार किया कि कप्तानी छोड़ने का निर्णय उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन था, लेकिन उस निर्णय के बाद मिले सहयोग ने उनके करियर को नई दिशा देने में मदद की। टीम प्रबंधन द्वारा दिए गए भरोसे और समर्थन ने उनके प्रदर्शन में स्थिरता लौटाने में अहम भूमिका निभाई।
भारतीय क्रिकेट में कोहली, द्रविड़ और राठौर के बीच यह पेशेवर तालमेल उस दौर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जब टीम संक्रमण के चरण से गुजर रही थी और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव पर भरोसा किया जा रहा था।













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