डेस्क : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी कांग्रेस को पत्र लिखकर अधिक अमेरिकी निर्मित एयर डिफेंस हथियार और विशेष रूप से पैट्रियट मिसाइल प्रणाली उपलब्ध कराने की मांग की है। यूक्रेन का कहना है कि रूस की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में तेज़ी के चलते उसकी वायु रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव बढ़ गया है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, यह पत्र ऐसे समय में भेजा गया है जब पश्चिमी सहयोगियों से मिलने वाली एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति मांग के मुकाबले कम पड़ रही है। कीव ने दावा किया है कि उसकी इंटरसेप्शन क्षमता 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है, लेकिन रूस के बढ़ते हमलों को देखते हुए और उन्नत सिस्टम की आवश्यकता है।
जेलेंस्की ने पत्र में कहा कि यूक्रेन अभी अपने दम पर पूरी तरह मिसाइल रोधी प्रणाली विकसित नहीं कर सकता और वह लगभग पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर है। उन्होंने यह भी लिखा कि “हमारे लिए इससे अधिक दर्दनाक कुछ नहीं है कि पैट्रियट सिस्टम मौजूद हों, लेकिन उनमें मिसाइलें न हों।”
यूक्रेन का कहना है कि वह अब न केवल अपनी सुरक्षा के लिए बल्कि मध्य पूर्व के कुछ देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में भी तकनीकी सहायता दे रहा है।
रूस में नया रक्षा मॉडल: बैंक कर्मचारियों को ड्रोन रोधी भूमिका देने की तैयारी
उधर रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा ने एक प्रस्तावित विधेयक को मंजूरी दी है, जिसके तहत देश के बैंक कर्मचारियों को ड्रोन रोधी उपायों के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है। योजना के अनुसार बैंक परिसरों में इलेक्ट्रॉनिक जामिंग सिस्टम लगाए जाएंगे और चयनित कर्मचारियों को ड्रोन को निष्क्रिय या गिराने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रस्ताव का उद्देश्य रूस के विशाल क्षेत्र में बढ़ते यूक्रेनी ड्रोन हमलों से सुरक्षा कवच को मजबूत करना बताया जा रहा है। रूसी अधिकारियों के अनुसार बैंक देश के लगभग हर शहर में मौजूद हैं, ऐसे में उन्हें सुरक्षा ढांचे में शामिल करना एक व्यापक रक्षा व्यवस्था बनाने की कोशिश है।
हालांकि इस योजना को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं, क्योंकि विधेयक में इसके क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दर्शाता है कि रूस की मौजूदा ड्रोन-रोधी व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
पश्चिमी आकलन और बढ़ता हवाई संघर्ष
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी GCHQ की प्रमुख ऐन कीस्ट-बटलर ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध के मैदान में पीछे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब तक लगभग पांच लाख रूसी सैनिकों की मौत हो चुकी है।
पश्चिमी विश्लेषकों के अनुसार, यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के भीतर तेल प्रतिष्ठानों और औद्योगिक ठिकानों पर ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं, जबकि रूस की ओर से कीव और अन्य शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़े हैं।
हाल के दिनों में रूस ने लगभग 90 मिसाइलों और सैकड़ों ड्रोन के साथ यूक्रेन पर बड़ा हवाई हमला किया था, जिसे एयर डिफेंस सिस्टम को ओवरलोड करने की कोशिश माना जा रहा है।
युद्ध के मोर्चे पर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष तेज होने के बावजूद लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर कोई बड़ा रणनीतिक बदलाव नहीं देखा गया है।













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