डेस्क : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मई महीने के दौरान करीब 18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इसका असर अभी तक घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिखाई नहीं दे रहा। देशभर में ईंधन के दाम ऊंचे बने हुए हैं, जिससे आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।
शुक्रवार को जारी ताजा दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतें उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई हो, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव, आयात लागत, रुपये में कमजोरी और तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई जैसे कारणों से उपभोक्ताओं को तत्काल राहत नहीं मिल रही। पिछले 11 दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की जा चुकी है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए दाम जारी करती हैं। कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, टैक्स, परिवहन लागत और विनिमय दर के आधार पर तय की जाती हैं।
जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहता है और भू-राजनीतिक हालात सामान्य बने रहते हैं, तो आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है।













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