डेस्क : मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। भोपाल की विशेष अदालत ने मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की रिमांड में भेज दिया है। दोनों को अब 2 जून तक सीबीआई की हिरासत में रखा जाएगा, जहां उनसे लगातार पूछताछ की जाएगी।
यह मामला मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक बन गया है, जिसमें दहेज प्रताड़ना, हत्या की साजिश और सबूतों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
अदालत के फैसले के बाद जांच में तेजी
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने अदालत से दोनों आरोपियों की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि मामले से जुड़े कई अहम सवाल अभी अनसुलझे हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, व्हाट्सएप चैट्स और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर पूछताछ आवश्यक है, ताकि घटना की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके।
अदालत ने दलीलों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को 2 जून तक सीबीआई रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
पहले से ही जांच के घेरे में थे आरोपी
इस मामले में गिरिबाला सिंह, जो पूर्व में न्यायिक पद पर रह चुकी हैं, और उनके पुत्र समर्थ सिंह पहले से ही जांच एजेंसियों के रडार पर थे। इससे पहले हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया था, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लिया था।
वहीं, समर्थ सिंह को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही थी।
क्या हैं मुख्य आरोप
सीबीआई जांच में सामने आए प्रारंभिक तथ्यों के अनुसार, मामले में दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि विवाह के बाद ट्विशा शर्मा को लगातार प्रताड़ित किया गया और संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हुई।
परिवार की ओर से यह भी दावा किया गया है कि घटनास्थल पर कई ऐसे निशान मिले हैं, जो आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े करते हैं।
जांच का अगला चरण अहम
सीबीआई अब रिमांड अवधि के दौरान दोनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच और कॉल रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी में है। जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल, पूरे राज्य में इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।













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