डेस्क : राजधानी दिल्ली के प्रतिष्ठित दिल्ली जिमखाना क्लब को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के कई पुराने और प्रतिष्ठित जिमखानों की जांच तेज कर दी है। सरकारी भूमि पर संचालित 16 जिमखानों और क्लबों के पट्टों (लीज़) की समीक्षा की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों द्वारा लीज़ शर्तों के उल्लंघन की बात सामने आने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित समिति यह जांच कर रही है कि जिन जिमखानों और क्लबों को दशकों पहले सार्वजनिक उद्देश्य और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध कराई गई थी, वे आज भी उन्हीं शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जांच में भूमि उपयोग, सदस्यता व्यवस्था, व्यावसायिक आयोजनों और सरकारी नियमों के अनुपालन जैसे पहलुओं को विशेष रूप से परखा जा रहा है।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि कई जगहों पर लीज़ समझौतों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं। ऐसे मामलों में संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किया जा सकता है और आवश्यकता पड़ने पर लीज़ रद्द करने अथवा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।
जांच के दायरे में मुंबई के कई प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक जिमखाने शामिल हैं, जिनमें विभिन्न समुदायों से जुड़े पुराने क्लब भी बताए जा रहे हैं। सरकार यह भी देख रही है कि इन संस्थानों द्वारा आयोजित होने वाले व्यावसायिक कार्यक्रम लीज़ की शर्तों के अनुरूप हैं या नहीं।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब की भूमि को सार्वजनिक और रणनीतिक उपयोग के लिए आवश्यक बताते हुए परिसर खाली करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने भी मुंबई स्थित सरकारी भूमि पर संचालित जिमखानों और क्लबों की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी।
सरकारी सूत्रों का मानना है कि यह केवल किराया या लीज़ विवाद का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों के उपयोग और उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर कुछ जिमखानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना से इन संस्थानों में हलचल बढ़ गई है।













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