डेस्क : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। पार्टी संगठन में बड़े फेरबदल की चर्चाओं ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। संकेत मिल रहे हैं कि प्रदेश भाजपा संगठन में व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं और लंबे समय से एक साथ कई जिम्मेदारियां संभाल रहे नेताओं की भूमिकाओं की समीक्षा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व संगठन को अधिक चुस्त, सक्रिय और चुनाव-केंद्रित बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में पार्टी की पुरानी नीति ‘एक व्यक्ति, एक जिम्मेदारी’ को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी है। संगठन और सरकार दोनों में पद संभाल रहे नेताओं को लेकर मंथन चल रहा है, ताकि चुनावी वर्ष में संगठन को पूर्ण समय देने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं को अधिक अवसर मिल सके।
चर्चा है कि प्रदेश संगठन में करीब 50 प्रतिशत तक बदलाव संभव है। क्षेत्रीय अध्यक्षों, विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों तथा संगठन के कई महत्वपूर्ण पदों पर नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। इसके संकेत जिला स्तर पर भी दिखाई देने लगे हैं, जहां हाल के महीनों में कई जिलों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं मिलने के बाद भाजपा संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई है। पार्टी की कोशिश है कि 2027 में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए संगठन को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
भाजपा सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की रणनीति पर भी विशेष ध्यान दे रही है। हालिया संगठनात्मक तथा मंत्रिमंडलीय बदलावों में पिछड़ा वर्ग और दलित समुदायों को अधिक प्रतिनिधित्व देने की कोशिश को इसी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी नेतृत्व की नजर उन 61 विधानसभा सीटों पर भी है, जहां भाजपा पिछले तीन विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज नहीं कर सकी है। इन सीटों पर विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संपर्क बढ़ाने और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की रणनीति पर भी काम चल रहा है। माना जा रहा है कि आगामी महीनों में प्रदेश भाजपा की नई टीम और कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि समय रहते संगठन में बदलाव कर संभावित सत्ता-विरोधी माहौल की धार को कम किया जा सकता है। साथ ही नए चेहरों और नई जिम्मेदारियों के माध्यम से कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा का संचार कर 2027 की चुनावी लड़ाई को और अधिक मजबूती से लड़ा जा सकता है। ऐसे में आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश भाजपा की राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।













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