नई दिल्ली : सीबीएसई कक्षा बारहवीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणामोत्तर प्रक्रियाओं को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल उठाने वाले छात्रों को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने अपने एक पोस्ट में लिखा कि कुछ छात्रों ने सीबीएसई और केंद्र सरकार से केवल सरल सवाल पूछे, लेकिन उन्हें जवाबों की बजाय अपमान और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “मेरे ‘राष्ट्र-विरोधी सोरोस एजेंट’ साथियों के साथ एक खुली बातचीत हुई।” इस बातचीत का एक वीडियो भी उन्होंने साझा किया।
राहुल गांधी के अनुसार, एक छात्र ने अपनी भौतिकी की उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त करने के बाद पाया कि उसमें कुछ हिस्से उसकी लिखावट में नहीं थे। छात्र ने यह मुद्दा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर उठाया, जिसके बाद मामला सार्वजनिक चर्चा में आ गया। आरोप है कि इसके बाद छात्रों को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और निशाना बनाया गया।
कांग्रेस नेता ने आगे दावा किया कि सीबीएसई की मई दो हजार पच्चीस की निविदा में उत्तर पुस्तिकाओं को तीन सौ डीपीआई पर स्कैन करने, स्पाइन सुरक्षित रखने और रोबोटिक स्कैनर के उपयोग जैसी शर्तें थीं, लेकिन अगस्त में पुनः जारी निविदा में इन प्रावधानों को हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद स्कैनिंग व्यवस्था कमजोर कर दी गई और कथित तौर पर मोबाइल फोन से उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन किया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि इससे कई उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां धुंधली रहीं, कुछ पन्ने गायब थे और यह कोई साधारण त्रुटि नहीं बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है और इसमें गड़बड़ी हुई है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के पास आम विषयों पर टिप्पणी करने का समय है, लेकिन लगभग अठारह लाख छात्रों की समस्याओं पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अभी भी पद पर बने हुए हैं और यह स्थिति चिंताजनक है।
इसी बीच, सीबीएसई ने भी ‘ओनमार्क’ पोर्टल से जुड़े तकनीकी मुद्दों और सुरक्षा कमजोरियों पर बयान जारी किया है। बोर्ड ने कहा कि वह इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है और विभिन्न सरकारी एजेंसियों तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के विशेषज्ञों की सहायता से साइबर सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
सीबीएसई के अनुसार, सामने आई कमजोरियों को नियंत्रित कर लिया गया है और अन्य संभावित खामियों की जांच जारी है। बोर्ड ने यह भी कहा कि वह सतर्क नागरिकों और नैतिक हैकर्स का आभार व्यक्त करता है जिन्होंने तकनीकी खामियों की जानकारी दी और कुछ से सीधे संपर्क भी किया गया है।
यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली और परिणाम प्रक्रिया को लेकर पहले से ही कई सवाल उठ रहे हैं और छात्रों में असंतोष की स्थिति बनी हुई है।













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