डेस्क : जून महीने के पहले कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। लगातार ऊंचे स्तर पर कारोबार करने के बाद बहुमूल्य धातुओं के दामों में आई नरमी से खरीदारों और निवेशकों को कुछ राहत मिली है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता का असर सोने-चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में भी शुरुआती कारोबार के दौरान सोने और चांदी दोनों में कमजोरी देखने को मिली। सोने के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम भी नीचे आए। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों पर दबाव का असर घरेलू बाजार में भी दिखाई दे रहा है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार 1 जून को बाजार खुलते ही सोना करीब 1,600 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हुआ, जबकि चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इससे उन लोगों को राहत मिली है जो विवाह सीजन या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की सतर्कता के कारण सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग पर असर पड़ा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी के दामों में कमजोरी देखने को मिल रही है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगी। इन्हीं कारकों के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों की अगली दिशा तय हो सकती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि दीर्घकालिक निवेश के दृष्टिकोण से सोना अभी भी एक महत्वपूर्ण सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है। ऐसे में कीमतों में आई गिरावट को कई निवेशक खरीदारी के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं।













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