डेस्क : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और झटका लगा है। पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राज्य सचिव अजमल सिद्दीकी ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के साथ ही उन्होंने पार्टी नेतृत्व, विशेषकर सांसद अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अजमल सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी के भीतर कार्यकर्ताओं की बात सुनी नहीं जा रही है और संगठन अपनी मूल दिशा से भटक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के प्रभाव में पार्टी की कार्यशैली बदल गई है, जिससे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है।
अपने इस्तीफे के बाद सिद्दीकी ने दावा किया कि जिस तरह से पार्टी का संचालन किया जा रहा है, उससे तृणमूल कांग्रेस की संगठनात्मक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई पुराने कार्यकर्ता और नेता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
सिद्दीकी के इस्तीफे को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और विभिन्न दल आगामी चुनावी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से उनके आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अल्पसंख्यक समुदाय में प्रभाव रखने वाले किसी नेता का इस प्रकार सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाना विपक्ष को राजनीतिक मुद्दा दे सकता है। हालांकि यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सिद्दीकी का यह कदम संगठन पर कितना प्रभाव डालता है और क्या भविष्य में पार्टी के भीतर से और असंतोष सामने आता है।













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