डेस्क : मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इज़राइल और ईरान के बीच हालिया सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र को नए संघर्ष की ओर धकेल दिया है। इज़राइली हमलों के जवाब में ईरान ने इज़राइल की ओर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद दोनों देशों के बीच टकराव और गहरा गया।
इज़राइली सेना के अनुसार, ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों के बाद देश के कई हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजाए गए और वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया। अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही रोकने का दावा किया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला इज़राइल द्वारा लेबनान के बेरूत क्षेत्र में किए गए सैन्य अभियानों के जवाब में किया गया। ईरान ने आरोप लगाया कि इज़राइल ने क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाने वाली कार्रवाई की है और उसके जवाब में यह कदम उठाया गया।
मिसाइल हमले के बाद इज़राइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की घोषणा की। इज़राइली सेना ने कहा कि वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम हाल के महीनों में स्थापित संघर्षविराम प्रयासों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। अमेरिका सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई का यह सिलसिला जारी रहता है तो इसका प्रभाव पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।













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