डेस्क : उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि वह किसी भी परिस्थिति में अपने परमाणु हथियारों का परित्याग नहीं करेगा। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन और सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की वरिष्ठ नेता किम यो जोंग ने कहा कि देश की परमाणु शक्ति उसकी सुरक्षा और संप्रभुता की गारंटी है तथा इस नीति में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
किम यो जोंग ने अमेरिका की उस नीति की आलोचना की, जिसमें उत्तर कोरिया से परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग की जाती रही है। उन्होंने कहा कि प्योंगयांग को परमाणु हथियार छोड़ने के लिए मनाने की कोशिशें अब वास्तविकता से दूर हैं, क्योंकि उत्तर कोरिया स्वयं को एक स्थायी परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित कर चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमता किसी सौदेबाजी का विषय नहीं है और देश अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत करता रहेगा। उनके अनुसार बदलते वैश्विक सुरक्षा परिवेश में परमाणु प्रतिरोधक क्षमता उत्तर कोरिया के लिए अनिवार्य है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। हाल के महीनों में उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए हैं और अपने परमाणु कार्यक्रम को विस्तार देने के संकेत भी दिए हैं।
अमेरिका लंबे समय से कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की वकालत करता रहा है, लेकिन उत्तर कोरिया के ताजा रुख से दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर किसी निकट भविष्य की प्रगति की संभावना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि उत्तर कोरिया अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद अपनी परमाणु स्थिति को स्थायी और अपरिवर्तनीय बताने की रणनीति अपना रहा है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।













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