डेस्क : पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आंतरिक कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के हालिया तीखे बयान ने संगठन के भीतर पहले से चल रहे तनाव को और गहरा कर दिया है।
कल्याण बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व और संगठनात्मक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि टीएमसी गंभीर अंदरूनी संकट से गुजर रही है, जबकि कुछ नेताओं के व्यवहार में “अहंकार” की झलक दिखाई देती है। उनके बयान को सीधे तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली से जोड़कर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के भीतर लंबे समय से असंतोष की स्थिति बनी हुई है, जिसमें कुछ सांसद और विधायक निर्णय लेने की प्रक्रिया, संगठनात्मक नियंत्रण और नेतृत्व शैली को लेकर नाराज़ बताए जा रहे हैं। यह नाराज़गी अब सार्वजनिक बयानों के रूप में सामने आने लगी है, जिससे पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम को टीएमसी की “आंतरिक टूट” करार देते हुए निशाना साधा है, जबकि पार्टी नेतृत्व अब तक स्थिति को नियंत्रित करने और विवाद को सुलझाने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
हालांकि, कल्याण बनर्जी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि टीएमसी के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है और संगठनात्मक मतभेद अब खुलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुके हैं।













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