कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब एक जांच के सिलसिले में पुलिस और सीआईडी की टीम तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची। आरोप है कि अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश के लिए ताला तोड़ा और तलाशी अभियान चलाया। घटना की जानकारी मिलते ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गईं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कथित हस्ताक्षर जालसाजी (सिग्नेचर फोर्जरी) मामले की जांच से जुड़ी हुई है। जांच एजेंसियां उन आरोपों की पड़ताल कर रही हैं जिनमें कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों के दुरुपयोग की शिकायत सामने आई है। इसी मामले में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ भी की जा चुकी है और उन्हें दोबारा जांच एजेंसियों के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए इसकी आलोचना की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और मामले से जुड़े साक्ष्यों की तलाश के लिए तलाशी आवश्यक थी।
इस घटनाक्रम के बाद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जुट गई और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। ममता बनर्जी ने मौके पर पहुंचकर पार्टी नेताओं और समर्थकों से बातचीत की तथा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में कई घटनाक्रमों ने राजनीतिक तनाव बढ़ाया है। हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच के तहत सीआईडी पहले भी ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास परिसर में मौजूद पार्टी कार्यालय और अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में तलाशी अभियान चला चुकी है।













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